Why Aeroplane Wings don’t Fall even in extremely high pressure ??

Aeroplane Wings
Some special super hard metals are used in Aeroplane Wings.

Why Aeroplane Wings don’t Fall off even in extremely high air pressure?? प्लेन की विंग्स गिरती क्यों नहीं? 

अगर एक आंकड़े की मानें तो जब हम और आप इस आर्टिकल “Why Aeroplane Wings don’t Fall??” की बात कर रहे हैं तब आसमान में 10,000 से भी ज्यादा प्लेन्स यहां से वहां अपनी मंजिलों की तरफ बढ़ रहे हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये प्लेन गिरते क्यूं नहीं? प्लेन्स में लगी विंग टूटकर जमीन पर क्यों नहीं गिर जातीं? क्या टेक्निक है आखिर? दोस्तों ये सब बहुत बेसिक सवाल हैं लेकिन इनका जवाब बहुत कम लोग ही जानते हैं. अगर आप भी ये जवाब नहीं जानते हैं तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें क्योंकि हम यहां बात करेंगे उन्ही सवालों की. 

Invention of Aeroplane: Brief History: राइट ब्रदर्स की कहानी

दोस्तों प्लेन्स की टेक्निक की बात करने से पहले प्लेनस की एक brief history जान लेते हैं. आखिर प्लेन का अविष्कार हुआ कैसे? 

प्लेन के अविष्कार के बारे में जानने के लिए हमें थोड़ा पीछे सन 1878 में जाना होगा. तो अब आप टाईम मशीन की सीट बेल्ट बांध लीजिए. 

ये कहानी है दो भाइयों की. जो ना तो ट्विंस थे और ना ही साथ में पैदा हुए थे लेकिन इनके नाम एक साथ लिए जाते है. मैं बात कर रहा हूं Wright Brothers की. राइट ब्रदर्स का पूरा नाम ओलिवर राइट और विलबर राइट है. राइट ब्रदर्स के पिता एक पादरी थे और उनकी 5 संतानें थीं, लेकिन उन पांचों में से ओलिवर राइट और विलबर राइट का नाम एक साथ लिया जाता है अपने कॉमन इंटरेस्ट के कारण. क्या था ये कॉमन इंटरेस्ट. कुछ और नहीं दोस्तों ये था प्लेन. लेकिन ये कॉमन इंटरेस्ट दोनों भाइयों के बीच आया कहाँ से? 

बात है 1878 की. Wright duo में सबसे बड़े विलबर राइट जिनका जन्म 1867 में हुआ था वो लगभग 11 साल के हो चुके थे और राइट डूओ में छोटे भाई ओलिवर राइट जिनका जन्म 1871 में हुआ था वो लगभग 7 साल के थे. जैसा कि मैं पहले भी बता चुका हूं राइट ब्रदर्स के पिता मिल्टन राइट एक पादरी थे, इस लिए वो अलग अलग शहरों में घूम घूम कर उपदेश दिया करते थे. उन्हे अपने बच्चों से बड़ा लगाव था जैसा कि हर किसी को होता है इसीलिए वो रोज़ शाम को अपने बच्चों के लिए कुछ ना कुछ लेकर आया करते थे. 1878 की एक शाम को वो अपने बच्चों के लिए ऐसे ही एक हवाई जहाज ले आए. हालांकि उस खिलौने का नाम उस वक्त हवाई जहाज नहीं था लेकिन वो खिलौना आज के हवाई जहाज की एक रेपलिका के जैसा था और उड़ता भी था. मिल्टन राइट जो खिलौना लेकर आए थे वो कागज, बांस और कर्क से बनाया गया था. वो खिलौना उड़ सकता था लेकिन केवल छत तक ही जा सकता था. उस खिलौने में ना तो किसी तरह की कोई एलेक्ट्रिसिटी और ना ही किसी तरह की कोई बैट्री. लेकिन वो खिलौना हवा और हाथ के दबाव के कारण उड़ता था. मोटे तौर पर आप कागज वाले हवाई जहाज का उदाहरण देख सकते हैं जो कि हम अपने बचपन में उड़ाया करते थे. राइट ब्रदर्स को वो खिलौना बहुत ज्यादा पसंद आया और वो उसी से खेलने लगे. राइट ब्रदर्स बचपन से बहुत ज्यादा क्रिएटिव थे और वो छोटा मोटा ही सही लेकिन बहुत कुछ बनाया भी करते थे. पढ़ने में दोनों ही बहुत तेज़ थे. खिलौने हवाई जहाज को देखकर राइट ब्रदर्स के मन में यह बात बैठ गई कि वो भी कुछ ऐसा ही बनाएंगे. 

Aeroplane Wings
Invention of Aeroplane was done by Wright Brothers.

राइट ब्रदर्स का वो खिलौना केवल छत तक जा सकता था लेकिन राइट ब्रदर्स ये बात जानते थे कि अगर इसमें और भी कुछ एड कर दिया जाए तो ये खिलौना और भी ज्यादा उड़ सकता है. हालांकि वो इतनी सी उम्र में ऐसा कैसे सोच ले रहे थे मैं समझ नहीं पा रहा हूँ क्योंकि हम अगर इस उम्र में होते तो खिलौना हवाई जहाज के हजार टुकड़े कर चुके होते. क्यों दोस्तों सही कहा ना. हाहा जोक अपार्ट. 

उस समय राइट ब्रदर्स खिलौना हवाई जहाज को ज्यादा मोडिफाई नहीं कर पाए क्योंकि रिसोर्स की कमी थी. बड़े होने के बाद उन्होने कई तरह के काम किए लेकिन उनको लगभग हर काम में असफलता हाथ लगी. उस समय ग्लाइडर के लिए बहुत ज्यादा क्रेज था. उन्होने भी ग्लाइडर में अपने हाथ आजमाए और ग्लाइडर के लिए काम करते हुए उन्हे अपने बचपन के खिलौने की याद आई. तब उनका ध्यान दुबारा से खिलौना हवाई जहाज की तरफ आया और उन्होने इस तरफ काम करना शुरू किया. इस बार उनके पास रिसोर्स भी थे. 

उन्होने इस बार रिसोर्स के साथ हवाई जहाज को बनाना शुरू किया और 1903 में आखिरकार सफलता मिल ही गई. दुनिया ने पहली बार उड़ना सीखा. 

Why Aeroplane Wings Don’t Fall??

दोस्तों उड़ने की बात तो कर ली अब बात करते हैं गिरने की और लौटते हैं अपने सवाल पर कि आखिर ये हवाई जहाज की विंग्स गिरती क्यों नहीं. 

Structure of Aeroplane:

इस सवाल को समझने के लिए सबसे पहले आपको एरोप्लेन का स्ट्रक्चर समझना होगा. एयरप्लेन के 5 बेसिक पार्ट्स होते हैं जिसमें फ्यूस्लेज, विंग्स, एमपेंएज, पावर प्लांट और लैंडिंग गियर शामिल होता है. इन सारे पार्ट्स में सबसे ज्यादा मेन पार्ट होते है एरोप्लेन की विंग्स. इसके पीछे कारण है विंग्स के उपर सबसे ज्यादा रिस्पॉन्सबलिटी. 

Role of Wings:

दोस्तों एरोप्लेन के जितने भी बाकी पार्ट्स होते हैं उनको विंग्स ही कैरी करती है चाहे वो पैसेंजर्स से लोडेड प्लेन हो या फिर दोनों साइड के इंजन. प्लेन की विंग्स के निकलने का सबसे ज्यादा खतरा तब रहता है जब प्लेन टेक ऑफ या फिर लैंड कर रहा होता है. क्योंकि इसी दौरान प्लेन की विंग्स पर सबसे ज्यादा लोड रहता है. छोटे से एक्जामपल से समझते हैं. ज़रा सोचिए कोई नॉर्मल प्लेन अगर हवा मे अपना एलटीट्यूड चेंज करता है तो उसे ज्यादा परेशानी होगी या फिर उस मिलिट्री प्लेन को ज्यादा परेशानी होगी. अच्छा इनमे से ज्यादा समय कौन लेगा? जाहिर सी बात है मिलिट्री प्लेन कम समय लेगा और एक सामान्य प्लेन ज्यादा समय लेगा इसके पीछे कारण यह है कि मिलिट्री के प्लेन्स की विंग्स पर ज्यादा लोड नहीं होता. मैंने आपको इस आर्टिकल की शुरुआत मे राइट ब्रदर्स की जो कहानी सुनाई थी वो भी यही ड़ीनोट करने के लिए थी कि राइट ब्रदर्स के पास जो सबसे पहले खिलौना हवाई जहाज था उसमे कुछ भी नहीं था आज के प्लेन्स के मुकाबले, सिवाय उसकी विंग्स के. अगर हम बात करें हमारे बचपन के कागज वाले हवाई जहाज की तो उसमें भी विंग्स होती थी, जो कि उसे उड़ने में मदद करती हैं. इतना सब जानने के बाद आप विंग्स की इम्पोर्टैंस को समझ ही गए होंगे. अब सवाल ये उठता है कि इतना भार उठाने वाली विंग्स आखिर गिरती क्यों नहीं. 

Why Wings dont break in mid air??

प्लेन्स की विंग्स पर बहुत ज्यादा दबाव होता है, हवा का भी और इंजन के भार का भी, और जब प्लेन हवा में एल्टीट्यूड चेंज करता है तब ये दबाव और भी ज्यादा बढ़ जाता है. दुनिया का पहला प्लेन क्रैश जो कि राइट ब्रदर्स के हाथों ही हुआ था उसकी वजह यही थी. 

इस समस्या से उबरने के लिए और दबाव से विंग्स को बचाने के लिए विंग्स को अलग अलग मेटल्स से बनाया जाता है. विंग्स की अपर लेयर, लोवर लेयर और मिड को अलग अलग मेटल्स से बनाया जाता है. विंग्स के अपर पार्ट को अपर स्किन, निचले हिस्से को विंग लोवर स्किन और मिडल पार्ट को विंग तो फ्यूजलेस कहा जाता है. मिडल पार्ट है प्लेन की बॉडी से जुड़ा होता है. 

Metals used in Aeroplane Wings: कौन से हैं वो सुपर मेटल जिन्होने प्लेन्स को संभाल रखा है.

दोस्तों अब ये जानने के बाद की विंग्स मेटल्स के कारण नहीं गिरती. चलिए जरा उन मेटल्स का इतिहास जान लेते हैं और ये जान लेते हैं कि कौन से हैं वो सुपर हीरो मेटल्स. 

Aeroplane Wings
Aeroplane Wings are made with Aluminium, Zinc, Magnisium and Copper and their alloys.

विंग्स को मुख्य तौर पर एल्युमिनियम, ज़िंक, मैग्नीशियम और कॉपर से बनाया जाता है. इन सारे मैटेरियल्स को अलग अलग पार्ट्स में अलग अलग डाईमेनशन में लगाया जाता है. साथ ही और भी ज्यादा मजबूती के लिए इन मैटिरियल्स के एलॉय भी उपयोग किए जाते हैं. 

अगर मैं इन सभी मेटेरियल की brief history बात करूं तो सबसे पहले सारी रिक्वायरमेंट पर wood ही फिट बैठती थी. इसलिए आपने ये नोटिस किया होगा कि स्टार्टिंग के हवाई जहाजों में लकड़ियों का उपयोग किया जाता है. हालांकि जब राइट ब्रदर्स का प्लेन क्रैश हुआ उसके बाद से इस पर विचार किया गया और लकड़ियों को रिप्लेस कर दिया गया. 

तो दोस्तों ये थी विंग्स के ना गिरने की वजह. अगर आपके पास ऐसा ही कोई सवाल है जिसका जवाब आप जानना चाहते हैं, तो हमें कमेन्ट करके जरूर बताएं. हमारा वादा है हम आपके द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब जरूर देंगे.  आर्टिकल को पूरा पढ़ने के लिए धन्यवाद. ये आर्टिकल आपको कैसा लगा, हमें कमेन्ट करके जरूर बताएं. 

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