क्रिसमस या ’25 दिसम्बर’ पर निबंध | Christmas Day | INKLAB

कब मनाया जाता है क्रिसमस का त्योहार? When Christmas Day is celebrated?

क्रिसमस, जिसे बड़ा दिन भी  कहा जाता हैं, एक ऐसा त्योहार है जिसे सभी इसाई पूरे हर्षो- उल्लास से मनाते हैं। Christmas Day 25 दिसंबर को मनाया जाता हैं। इस दिन पूरे विश्व भर में अवकाश होता है।  सभी त्योहार प्रेम और आपसी समझ को बढ़ावा देने के लिए मनाए जाते हैं इनमें क्रिसमस डे का भी यही उद्देश्य है। यह त्योहार मनुष्यों में प्यार और विश्वास को बनाए रखने का संदेश देता है।

Christmas Day
Why Christmas Day is celebrated?

जानिये, क्यों मनाया जाता है क्रिसमस? Why Christmas Day is celebrated?

इस दिन इस ईसा मसीह (यशु) का जन्म हुआ था। ईसा मसीह की मां का नाम मेरी था और पिता का नाम जोसेफ था। माना जाता है कि उनके जन्म के वक्त इनके माता-पिता की शादी नहीं हुई थी और उनके पिता एक कारपेंटर थे। कहते हैं एक परी के द्वारा ईश्वर ने इनके माता-पिता को इनके दिव्य होने का संदेशा भिजवाया था और यशु ईश्वर का अंश है यह वाकई ज्ञानी महात्मा लोगों को भी पता थी।  क्रिसमस वैसे तो 25 दिसंबर को मनाया जाता हैं, पर कुछ देशों में 24 दिसंबर को भी यह पर्व मानते हैं, उदाहरण- जर्मनी। ब्रिटेन जैसे कुछ देशों में क्रिसमस के अगले दिन (26 दिसंबर) को बॉक्सिंग डे के रूप में भी माना जाता हैं।

इस पर्व को अलग अलग देशों में अलग अलग नाम देशों में अलग अलग नाम दिया गया हैं। जैसे भारत व अन्य पड़ोसी देशों में क्रिसमस को बड़ा दिन भी कहा जाता है, बड़ा दिन का तात्पर्य है कि महत्वूर्ण दिन। माना जाता हैं कि यशु का जन्म एक अस्तबल में  हुआ था, और वह अस्तबल कहतिर जानवरो से घिरा हुआ था। हालांकि बाईबल में ना ही अस्तबल का कोई जिक्र हैं, और ना ही जानवरों का कोई ज़िक्र हैं।

क्रिसमस और सांता क्लॉज़ : Christmas and Santa Claus

क्रिसमस की कहानी मैथ्यू की धर्म शिक्षा, गोस्पेल ऑफ मैथ्यू (Gospel of Mathew) में दिए बाईबल खातों पर आधारित हैं। एक व्यवस्थापक लयूक 2:7 में कहा गया है कि ‘ यशु कपड़ों में लिपटे हुए थे और उन्हें एक चरनी में रखा गया था क्योंकि वहा के सराय में उनके लिए कोई जगह नहीं थी। क्रिसमस के बारे में यह भी माना जाता है कि इस दिन अपनी दुआ मांगने पर सांता क्लॉज आते हैं और वह दुआ पूरी करते हैं। सांता क्लॉज को क्रिसमस के पिता भी माना जाता है, ऐसी मान्यता है कि सांता क्लॉज साल में एक बार क्रिसमस में आते हैं और बच्चों के लिए टॉफियां, खिलौने और तोहफे भी लाते हैं।

Christmas tree drawing
Christmas Day is celebrated on 25th december every year.

क्रिसमस को सभी इसाई तो हर्ष और उल्लास से मनाते ही हैं परंतु कई गैर – इसाई भी पूरे धर्मनिरपेक्ष होकर इस पर्व का आनंद लेते हैं। क्रिसमस एक सांस्कृतिक उत्सव हैं।

कैसे मनाया जाता है क्रिसमस? Christmas celebration on Big Day.

क्रिसमस में कई तरह की प्रथाएं, रिवाज़ और मान्यताएं होती हैं।

इस दिन सभी अपने परिवारजनों को, रिश्तेदारों को, पड़ोसियों को और शुभचिंतकों को तरह तरह के उपहार देते हैं, सभी इस इन दिनों बाइबल पढ़ते हैं मेडिटेशन करते हैं और अपने धर्म के अनुसार उपवास भी करते हैं। कई सजावट भी करते हैं, जैसे रंग – बिरंगी रौशनियों से घर को और गिरजाघरों (church) को सजाया जाता हैं, ईसा मसीह के जन्म की झांकियां होती हैं। इस दिन सबसे महत्वूर्ण गिरजाघर में जाकर प्रार्थना करना होता हैं, उन्हें सजाया जाता हैं और वहां की परंपराएं पूरी की जाती हैं,

लोग प्रेयर करते हैं, मेडिटेशन करते हैं, चर्च के गीत गाए जाए हैं, और कैंडल्स जलाते हैं। क्रिसमस के वक़्त गाए जाने वाले गानों को  ‘क्रिसमस कैरोल’ कहते हैं। चर्च में कई कार्यक्रमों का भी आयोजन भी किया जाता हैं, जैसे कि यशु मसीह की जन्म कथा को नाटक के रूप में प्रस्तुत करते हैं, प्रार्थना भी की जाती हैं। इस उत्सव में एक और लोकप्रिय परंपरा हैं की इस दिन क्रिसमस के पेड़ को भी सजाया जाता हैं, जिसे क्रिसमस ट्री कहते हैं। क्रिसमस ट्री से जुडी मान्यता हैं की यह क्रिसमस ट्री मानने की प्रथा की शुरुआत जर्मनी से हुई थी। एक बच्चा बहुत बीमार था, तो उसके पिता ने उसकी उदासी दूर करने के लिए, उसे खुश करने के लिए एक सदाबहार वृक्ष को सजाया था, और उस दिन से क्रिसमस ट्री सजाने की परंपरा मनाई जाती हैं और यह बहुत ही महत्वपूर्ण भी होता हैं। इसके अलावा यह भी कहा कहते हैं कि जब जीसस का जन्म हुआ था तब खुशी दर्शाने के लिए सभी ईश्वर उन्हें सदाबहार वृक्ष को सजाया था, और तब से इस पेड़ को क्रिसमस ट्री समझा जाने लगा और यह परंपरा लोकप्रिय हो गई। इस ही प्रकार एक और मान्यता हैं कि सांता क्लॉज की लोकप्रिय छवि को एक जर्मन मूल के अमेरिकी कार्टूनिस्ट द्वारा बनाया गया था। कार्टूनिस्ट का नाम थॉमस नस्ट ( 1840- 1902) था। क्रिसमस में घरों की सफाई की जाती हैं, नए कपड़े पहनते हैं, और कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजन भी बनाए जाते हैं। इस दिन केक कटिंग भी करते हैं। क्रिसमस को 12 दिन तक मनाया जाता है, यह पर्व नव – वर्ष तक मनाया जाता है। इन 12 दिनों के क्रिसमस को ‘ क्रिसमस टाईड’ कहते हैं।  यह क्रिसमस टाईड 6 जनवरी तक चलता हैं।

Christmas Drawing
Christmas is most admired by Children.

क्रिसमस वह पर्व हैं जो ईश्वर के प्रेम का एवं आनंद और उद्धार का संदेश देने वाले उत्सव मानकर मनाया जाता है। यह त्योहार प्रेम का संदेश देने वाला त्योहार है। क्रिसमस शांति का भी संदेश देता हैं। और यशु को शांति और सदाचार का प्रतीक भी कहते हैं। मानव जाति के पापो के प्रायश्चित के लिए यशु मसीह ने क्रूस पर अपने जीवन को बलिदान के रूप में दिया था। जब यशो थोड़े बड़े हुआ थे तब उन्होंने पूरी गीलीलिया में घूम घूम कर उपदेश दिया और लोगों को हर बीमारी और दुर्बलता को दूर करने की कोशिश की। यशु अपनी पूरी जिंदगी मानव कल्याण के लिए अपना योगदान देने हेतु जुटे रहे। क्रिसमस का यह पावन पर्व दुनिया में आनंद और खुशियां फैलता हैं। यह त्योहार लोगो को आपस में जोड़ता हैं, और लोगो को सबके साथ मिल – जुलकर रहने के लिए प्रोत्साहित करता हैं। यह त्योहार ईसा मसीह द्वारा सिखाए गए क्षमा, भाईचारा और त्याग जैसे गुणों को लोगों में उजागर करता हैं। और हर बच्चे, बड़े एवं बुज़ुर्ग इस पर्व का बड़े ही बेसब्री से इंतज़ार करते हैं।

क्रिसमस सिर्फ एक धार्मिक पर्व ही नहीं परंतु अब यह एक सामाजिक पर्व भी है।

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