Difference between PM CARES and PMNRF Fund In Hindi

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में 28 मार्च, 2020 को भारत मे बढ़ते हुए COVID- 19 के spread को देखते हुए PM CARES Fund का निर्माण किया गया था. PM CARES FUND यानी कि Prime Minister’s Citizen Assistance and Relief in Emergency Situations का निर्माण present मे Novel Corona Virus disease और future मे आने वाली ऐसी और pandemic से लड़ने, उसके treatment और राहत कार्यों के पर्पस से बनाया गया है. इस trust के चेयरमैन खुद India के Prime Minister हैं और इसके members रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री हैं.  इसे मिलकर हमारे पास दो रिलीफ फण्ड हो गए – Pm cares and pmnrf

Corona Virus को एक natural disaster declare किया जा चुका है, और इस Virus की वज़ह से पूरी दुनिया मे अफरा-तफरी का माहौल है. भारत सरकार और राज्य सरकारों ने इस epidemic से निपटने के लिए और lock down की वज़ह से घरों में फंसे लोगों की मदद के लिए Relief packages भी अनाउंस किए हैं. 

दोस्तों, PM CARES Fund एक Public Charitable Fund है, जिसे प्रमुख रूप से देश मे किसी भी तरह की emergency और distress की सिच्युएशन के आने पर देश को बाहर लाने के लिए बनाया गया है. दोस्तों, यह एक dedicated national फंड है, जो पूरी तरह से donations पर बेस्ड है. लेकिन अभी तक इससे जुड़ी ये बात साफ़ नहीं हो पाई है, कि जब ऐसी situations और purpose के लिए देश मे PMNRF फंड पहले से ही मौजूद था, तो इसके लिए एक नया PM CARES फ़ंड बनाने की ज़रूरत क्या थी? इस बात का ठीक से clarification ना हो पाने की वज़ह से PM CARES Fund की working और significance पर सवाल उठने लाजिमी है और इससे सरकार की मंशा पर भी संदेह गहरा होता जाता है. 

PM Narendra Modi

वहीं दूसरी तरफ इससे पहले वाले PM National Relief Fund यानी कि PMNRF  ने पिछले 70 सालों में देश को हर मुश्किल हालात मे Relief Assistance प्रोवाइड किया है. 

दोस्तों, इस PMNRF फ़ंड की शुरुआत साल 1948 मे तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की अपील पर की गई थी. यह वो वक़्त था, जब भारतीय संसद और संविधान भी अस्तित्व मे नही आये थे. दोस्तों, PMNRF को बनाने का सबसे प्रमुख और immediate कारण पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए शरणार्थियों की मदद करके उन्हें देश मे बसाना था. 

सालों तक PMNRF फ़ंड के जरिये जुटाए गए पैसों से natural disasters जैसे कि बाढ़, आँधी, तूफान, भूकंप या फिर किसी हादसे या दंगे आदि में मारे गए और प्रभावित हुए लोगों को राहत पहुंचाई जाती रही है. इसके अलावा इस फ़ंड से हार्ट सर्जरी, किडनी transplant, कैंसर के treatment और एसिड अटैक के घायलों को भी इलाज मुहैया कराया जाता रहा है. 

दोस्तों, PMNRF के साल 2018-19 के आय और खर्च के statement के अनुसार फाइनैंशियल इयर 2018-19 के end होने के वक़्त इस फ़ंड मे 3800 करोड़ की राशि जमा थी. ये बात हैरान करती है कि जब PMNRF मे इतनी राशि पहले से ही नागरिकों की हेल्प और रिलीफ के लिए available थी, तब फिर COVID- 19 से बचाने के लिए नए PM CARES Fund को बनाना कहाँ तक तर्कसंगत था. 

नए बनाए गए PM CARES Fund मे दी जाने वाली donations को 100% टैक्स से छूट दी गई है. एक नेशनल फ़ंड जो disasters से राहत देने के लिए पहले ही पूरी तरह से action मे है और उसमे काफी पैसे भी होने के बावजूद एक नए फ़ंड को बनाने की बात थोड़ी अटपटी और गैर जरूरी लगती है. जैसा कि हमने पहले भी बताया था कि इस मामले से जुड़ी Press Release भी इस बात को clear नहीं कर पाई है. 

PM CARES micro donations को भी एक्सेप्ट करता है, जिसमें फ़ंड देने की minimum limit 10₹ की है. इस फ़ंड में donations बैंक ट्रांसफ़र, UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिए की जा सकती है. साथ ही साथ इस फ़ंड पर की गई donations को Income Tax कानून के Section 80G के अंतर्गत टैक्स मे छूट भी दी जानी तय की गई है. 

Funds aare being raised to defeat Coronavirus.

सरकार की तरफ से तो PM CARES Fund को Prime Minister’s National Relief Fund से पूरी तरह अलग बताया जा रहा है, लेकिन उनका कोई भी तर्क इस अलग फंड के बनाये जाने को justify नहीं कर पा रहा. क्यूंकि आजादी के बाद से लगातार PMNRF फ़ंड के जरिये ही अभी तक की सारे disasters के लिए राहत कार्यों को फ़ंड किया जा रहा था, फिर चाहे वो साल 2013 मे उत्तर भारत मे आई बाढ़ हो या 2015 मे दक्षिण भारत मे आई सुनामी हो या फिर अभी पिछले साल केरल मे आई बाढ़ हो. इन सबके लिए राहत कोष के रूप में PMNRF फ़ंड ने अपना काम बखूबी निभाया था. 

इस नए PM CARES फंड के बनाये जाने के तुरंत बाद से ही विपक्षी पार्टी द्वारा इस अलग फ़ंड को बनाए जाने की जरूरत और कारण पर सवाल उठाए जा रहे हैं. उनका कहना है कि इस फ़ंड को बनाए जाने का असल कारण या आवश्यकता क्या है और इसका रजिस्ट्रेशन कब और किस Act के तहत किया गया? इसके साथ ही साथ इस फ़ंड की functioning मे transparency बनाए रखने के लिए civil society या opposition party के किसी भी सदस्य को इस फंड के trust का मेंबर क्यूँ नहीं बनाया गया? 

7 अप्रैल, 2020 को  PM CARES Fund मे लगभग 6500 करोड़ रुपये का फ़ंड कलेक्ट हो जाने के बाद Congress पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधान मंत्री से इस फ़ंड की सारी राशि को PMNRF में transfer करने की मांग की. 

दोस्तों, इस फ़ंड के बनाये जाने के बाद से देश के अलग अलग हिस्सों से कुछ लोगों द्वारा इसी नाम से मिलते जुलते fake accounts बनाने के मामले भी सामने आये, जिससे वे बाकी जनता को गुमराह करके उनसे फ़ंड के नाम पर धोखे से पैसे अपने पास transfer करवा सकें. ऐसे scammers के खिलाफ पुलिस action मे आ गई है और उन्हें arrest भी किया जा रहा है, ताकि India की जनता किसी धोखाधड़ी का शिकार ना बने. 

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