Henry Ford life’s success story: Quotes, Life, Cars हेनरी फोर्ड की सफलता की कहानी

Henry Ford

Henry Ford Success Story in Hindi: हेनरी फोर्ड की सफलता की कहानी

Second world war. ये वो समय था जब सारी दुनिया एक तरफ थी और हिटलर की जर्मनी एक तरफ. हिटलर की लड़ाई हो रही थी मुख्य रूप से अमेरीका से. जाहिर सी बात है इसी कारण से अमेरिका के सभी लोग हिटलर से नफरत भी करते थे, लेकिन एक अमेरिकी ऐसा था जिसकी फोटो हिटलर की डेस्क पर हुआ करती थी. वो अमेरिकी थे Henry Ford. Henry Ford का नाम सुनते ही हमे Ford की चमचमाती गाड़ियां नजर आने लगती हैं. 

फोर्ड कंपनी की स्थापना Henry Ford ने की थी लेकिन सिर्फ ऐसा नहीं है कि Henri को फोर्ड कार्स के लिए याद किया जाता है, बल्कि अगर दुनिया में आज इतनी कार्स हैं, तो उसका योगदान Henry Ford को ही जाता है. कैसे और क्यों? आज बात करेंगे उसी पर, आज जानेंगे कि कैसे एडीसन के यहां काम करने वाला एक मामूली सा कर्मचारी, अमेरीका का राष्ट्रपति बनते बनते रह गया और कैसे उसने हिटलर को अपना सबसे बड़ा फैन बना लिया और कैसे कारों की दुनिया को सिरे से पलट कर रख दिया. हेनरी के साथ कई तरह के कैसे जुड़े हुए हैं. आज बात करेंगे उन सभी पहलुओं पर जिन्होंने Henry Ford को The Great Henry Ford बनाया. 

Henry Ford

साल 1863. वेन में William और मेरी के सात बच्चों के परिवार में Henry का जन्म हुआ. William एक छोटे से गांव में किसान थे. ठीक ठाक कमाई थी और ठीक ठाक गुजारा भी हो जाता था. Henry के जन्म के बाद William को लगता था कि उन्हें किसान बनना चाहिए. वो किसानी बहुत बेहतर ढंग से करते थे और उगाने में उनकी रुचि भी थी. कुल मिलाकर बचपन से ही Henry क्रिएटिव थे. लेकिन उनकी क्रिएटिविटी उन्हें कहाँ ले जाने वाली है इस बात का अंदाजा शायद Henry को भी नहीं था. 16 साल की उम्र तक, Henry ने काम- चलाऊ पढ़ाई की और उसके बाद Detroit नाम के शहर चले गए जहां जाकर उन्होंने घड़ी की दुकान पर काम करना शुरू कर दिया. काम कम था, पैसे कम थे. वक़्त गुजर रहा था लेकिन Henry उस job से संतुष्ट नहीं थे. उन्होंने उस job को छोड़ दिया और फिर से वापस गांव की तरफ आ गए. यहां उन्होंने अपने लिए दूसरा काम ढूंढना शुरू किया और शहर से ही थोड़ी दूर उन्हें एक संस्था मे मशीनें ठीक करने का काम मिल गया. ये इंजन से जुड़ी हुई एक संस्था थी. यहां Henry अपने free time में कुछ ना कुछ करते ही रहते, जिसके लिए अक्सर उन्हें डांट सुनने को भी मिलती थी. ऐसे ही एक दिन Henry ने एक पुराने mowing machine को एक ट्रैक्टर से जोड़कर एक Farm Locomotive बना डाला. कुछ इसी तरह से Henry Ford के दिन बीतते चले गए. कुछ सालों में उन्होंने ने शादी भी कर ली उसके बाद 1893 में ford के बेटे Edsel Bryant का जन्म हुआ. अब तक Ford के पास ना कोई fame था, ना कोई popularity और ना ही पैसा. ये काफी हैरानी की बात है कि जिस व्यक्ति को अमेरीका के सबसे बड़े achievers में से एक माना जाता है उसके पास तीस सालों तक कोई भी Achievement नहीं थी. 

“ये एक तरह से life lesson भी है उन लोगों के लिए जिन्हें लगता है कि जिंदगी में कुछ कर दिखाने के लिए उम्र जरूरी होती है.” 

खैर दोस्तों Henry ford की कहानी में आगे बढ़ते हैं.

Henry Ford: first car

शादी के बाद फोर्ड ने यह तय किया कि वो अब इंजिन वाली जॉब छोड़ देंगे और शहर चले जाएंगे. वो अपनी wife और अपने बेटे को लेकर शहर आ गए. Detroit शहर में उस वक़्त एडीसन का काफी ज्यादा बोल बाला था. उन्होंने एडीसन की ही कम्पनी जॉइन कर ली थी. वहाँ उन्हें एक महीने तक तो जांचा और परखा गया. एडीसन अच्छे या बुरे इंसान थे वो तो एक अलग बात हो सकती है, लेकिन एक बात जिसे नकारा नहीं जा सकता वह यह है कि एडीसन को टैलेंट की पहचान थी. एक महीने बाद फोर्ड को चीफ इंजीनियर बना दिया गया. चीफ इंजीनियर बनने के बाद उनके ऊपर जिम्मेदारी आ गई कि वो 24 घण्टे सप्लाई होने वाली बिजली का ध्यान रखें और सप्लाई रुकने ना पाए. फोर्ड को ये काम पसंद तो आया और इसमे पैसे भी काफी ज्यादा थे लेकिन दिक्कत की बात यह थी कि फोर्ड को अपने मन का काम करने, यानी कि एक्सपेरिमेंट करने का समय नहीं मिल पाता था. ये 24 घण्टे की जॉब थी इसलिए फोर्ड को लगभग हर समय एलर्ट पर रहना पड़ता था.

Invention of Henry Ford: Ford Cars

लेकिन फिर भी फोर्ड ने समय निकाला और एक अनोखा Invention किया जिसका नाम था Quadricycle. ये गैसोलीन इंजन से चलने वाली कार थी. फोर्ड के इस कार को बनाते ही चारों तरफ इंजीनियर्स और inventors फोर्ड की ही बात करने लगे. फोर्ड ने ये 1896 में बनाई थी और इसके पहले उन्होंने एक कार बनाने की कोशिश 1893 में भी की थी, लेकिन वो असफल रही थी. हालंकि एक फैक्ट जिसमें सभी लोग confuse हो जाते हैं वो यह है कि फोर्ड ने कार का Invention नहीं किया. फोर्ड ने केवल पहले से ही बनाए गैसोलीन इंजन को Evolve किया था. गैसोलीन इंजन का निर्माण Gottlieb Damler और Carl Benz ने, 1885 में ही कर लिया था लेकिन उन्होंने इसके बाद इस इंजन को छोड़ दिया था जिसे evolve किया फोर्ड ने. लेकिन फोर्ड की जिद यहीं पर खत्म नहीं हुई. 1896 में ford ने अपनी सारी सम्पत्ति बेच दी. वो और भी ज्यादा रिसर्च करना चाहते थे और अपने काम को सबसे बेहतर बनाना चाहते थे. इस दौरान उन्हें कई sponsors का साथ मिला लेकिन सबने उन्हें छोड़ दिया क्योंकि फोर्ड तुरत फुरत में कुछ भी रिलीज करने के लिए तैयार नहीं थे. अपने Experiment काल के दौरान फोर्ड ने कई रेसिंग कार्स का भी invention किया. साल 1896 से 1903 तक एक लंबे समय में invention करने के बाद Ford ने स्थापना की Ford मोटर कंपनी की. इस कंपनी के जरिए फोर्ड ने मार्केट में पैसेंजर कार्स को उतारना शुरू कर दिया. हालांकि अब तक फोर्ड जनता के हीरो नहीं बने थे. कंपनी शुरू होने के पांच हफ्ते बाद ही उन पर गैसोलीन इंजन के पेटेंट के लिए केस कर दिया. जैसा कि मैंने आपको पहले ही बताया था कि गैसोलीन इंजन फोर्ड का Invention नहीं था, इसलिए जिसने उसे पेटेंट कराया गया था, उन्होंने फोर्ड पर केस कर दिया. फोर्ड ने इस केस को लड़ा और वो कोर्ट को यह समझाने में नाकामयाब रहे कि उन्होंने गैसोलीन इंजन को Evolve किया था. वो 1909 में केस हार गए. उन्होंने फिर से अपील की और 1911 में उनकी बात को समझ लिया गया और वो जीत गये. अपनी जीत के बाद उन्होंने कहा कि वो जनता के लिए कार्स बनाएंगे ताकि तकनीक केवल पैसे वालों के हाथ में ना रहे. इस प्रक्रम के बाद फोर्ड जनता के हीरो बन गए. साल 1908 में जब Ford ने पहली कार मॉडल टी लॉन्च की तब उसके डेढ़ करोड़ मॉडल अमेरिका में, दस लाख कनाडा में और ढाई लाख से ज्यादा ग्रेट ब्रिटेन में खरीदे गए. 

Henry Ford

उसके बाद फोर्ड ने मोटर लाइन में भी काफी बदलाव किए जिससे एक कार को असेंबल होने में बस 93 मिनट का समय लगने लगा. फोर्ड जहां तकनीक से धूम मचा रहे थे वहीँ उन्हें उनकी नीतियों के लिए भी सराहा जा रहा था. उन्होंने नियम निकाला कि उनकी किसी भी फैक्ट्री में काम करने वाले लेबर को कम से कम 5 डॉलर प्रति दिन मिलेंगे. उस समय इंडस्ट्री में औसतन 2.34 डॉलर दिए जाते थे. फोर्ड ने और भी devolpment किया जिससे कि मॉडल टी की जरूरत और भी बढ़ती गई और हर 24 सेकंड पर एक मॉडल टी बिकने लगी. 

इसके बाद फोर्ड ने मॉडल ए भी invent की और लगातार काम करते हुए मॉडल टी के दाम को लगभग तीन गुना कम कर दिया. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने फोर्ड कंपनी को इतना evolve कर लिया था कि फोर्ड अपने पार्ट्स खुद बना सके. हालांकि उन्हें प्रथम विश्व युद्ध के दौरन उन्हें शांति का प्रस्ताव यूरोप लेकर जाने के लिए भी याद किया जाता है. उनके इसी रवैये के कारण हिटलर तक उनका फैन था और उन्हें अपना सबसे अच्छा दोस्त कहता था.

फोर्ड के बहुत सारे Quotes याद किए जाते रहते हैं लेकिन उनका सबसे अच्छा quote जो कि हर Employer को सुनना चाहिए वह यह है कि जब तक आप अपने यहां काम कर रहे लोगों के सिर से बाकी दबाव खत्म नहीं करते तब तक आप उनसे बेहतर काम नहीं ले सकते. बाकी दबाव में वो आर्थिक दबावों की बात कर रहे हैं. 

फोर्ड को हमेशा उनके कभी ना हार मानने वाले रवैये के लिए याद किया जाता रहेगा. 

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