Interesting Facts About Deepawali: दीवाली का त्योहार

दोस्तों दीपावली भारत के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है और आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इसे केवल भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में मनाया जाता है। यह कार्तिक मास की अमावस्या को आती है और दियों की रोशनी के कारण अमावस्या भी पूर्णिमा की तरह रोशन हो जाती है। आइए जानते हैं दीपावली से जुड़े कुछ ऐसे Facts जो कि आपको हैरान कर देंगे। आइए जानते हैं Interesting Facts About Deepawali 

Interesting Facts About Diwali : दीपावली से जुड़ी खास बातें

1) Lord Shri Ram’s First Deepawali (भगवान राम की पहली दीपावली)

आईएएस के इंटरव्यू में एक कैंडिडेट से यह पूछा गया कि भगवान श्रीराम ने अपनी पहली दीपावली कब मनाई थी। कैंडिडेट आर्ट एंड कल्चर का एक अच्छा स्टूडेंट था इसलिए उसने कह दिया कि कभी नहीं! दोस्तों क्या आपको लगता है कि यह जवाब सही था या यह जवाब गलत है। दरअसल भगवान श्रीराम ने कभी दीपावली नहीं मनाई। वह दीपावली के ही दिन अपने घर अयोध्या जी वापस आए थे लेकिन दीपावली को मनाया जाने लगा, भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर का वध करने के बाद से। इसलिए भगवान राम द्वारा दीपावली कभी नहीं मनाई गई। दीपावली के दीप भगवान राम से जुड़े जरूर हैं, लेकिन इस कथा के प्रमुख नायक भगवान श्रीकृष्ण हैं। 

2) Deepawali in Other Religions (अन्य धर्मों में दीवाली)

दीपावली सनातन धर्म का एक महत्त्वपूर्ण पर्व है लेकिन ऐसा नहीं है कि यह केवल सनातन धर्म तक ही सीमित है। अन्य धर्मों में ऐसी कई घटनाएं हैं जो कि दीपावली से जुड़ी हुई हैं। अगर सिख धर्म की बात करें तो गुरु हरगोविंद सिंह जी इसी दिन मुगल बादशाह जहांगीर की कैद से आजाद हो पाए थे। जैन धर्म का नया साल दीपावली के अगले दिन से शुरू होता है। 

3) Diwali In Other Countries (अन्य देशों में दीवाली):

जैसा कि इस आर्टिकल की शुरुआत में ही हमने आपको बताया था कि दीपावली केवल भारत तक ही सीमित नहीं है। दुनिया के कई हिस्सों में इसे भारत की तरह ही धूमधाम से मनाया जाता है। इन देशों में श्री लंका, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, फीजी, थाइलैंड, मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा शामिल हैं। इन देशों में दीपावली का उतना ही क्रेज है जितना कि भारत में है। 

4) Golden Temple Foundation (स्वर्ण मंदिर की स्थापना):

अमृतसर के विश्व प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर की स्थापना भी दीपावली के ही दिन की गई थी। स्वर्ण मंदिर के अगल बगल बने हुए सरोवर का निर्माण चौथे गुरु, गुरु राम दास जी ने करवाया था। मंदिर का निर्माण गुरु अर्जन जी द्वारा किया गया था। इसके बाद यह मंदिर कई बार अफ़ग़ान हमलावरों और मुगलों के द्वारा तोड़ा गया। अभी स्वर्ण मंदिर जिस सूरत में है वह महाराजा रंजीत सिंह जी द्वारा निर्मित है। उन्होंने शांति के प्रतीक के तौर पर इसे फिर से स्थापित किया और 1830 में इसे सोने की परत से ढक दिया। 

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5) Celebrations of Deepawali (दीपावली की तैयारी):

दीपावली का त्योहार जितनी अलग अलग कहानियों से बना है उतने ही अलग अलग तरीकों से इसे मनाया भी जाता है। नेपाल में दीपावली को तिहार और सावंती के नाम से मनाया जाता है। 

थाईलैंड में मनाने का तरीका और भी ज्यादा अलग है। वे लोग वहाँ दीपावली को लाम क्रियोन कहते हैं और केलों के पत्ते से लैंप बनाकर जलाते हैं।

श्रीलंका का तरीका काफी ज्यादा क्रिएटिव है यहां चीनी (खाने वाली) की मूर्तियां बनाकर दीपावली पर पूजा की जाती है। 

ये तो रही विदेशों की बात। हमारे अपने देश में यह अलग अलग तरीकों से मनाई जाती है। पश्चिम बंगाल में दीपावली को काली पूजा के तौर पर मनाया जाता है। जहां दक्षिणी भारत में यह केवल एक दिन का त्योहार होता है वहीँ उत्तरी भारत में है यह पांच से छह दिन तक चलने वाला लंबा त्योहार है। 

6) Interesting Facts About Firecrackers (दीवाली से पटाखों का रिश्ता):

दोस्तों दीपावली की अब पटाखों के बिना कल्पना भी नहीं की जा सकती है। दीपावली पर पटाखे फोड़ने पर वैसे अब तो बैन है लेकिन पिछले कई सालों तक बहुत ज्यादा पटाखे फोड़े गए हैं। इतने कि आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं। चलिए सोचिए और सोच कर बताइये कि पिछले साल इन्डिया ने कितने रुपयों के पटाखे फोड़े थे? ये आंकड़ा 700 करोड़ का है। भारतीयों द्वारा एक ही दिन में 700 करोड़ के पटाखे फोड़ दिए जाते हैं। Interesting Facts About Deepawali के इस हिस्से ने आपको जरूर हैरान किया होगा। पिछले साल जबकि पटाखे बैन थे तब इतने के पटाखे फोड़े गए हैं सोचिए अगर पटाखे बैन नहीं होते तब क्या होता। 

7) Stories Behind Deepawali, Bhai Dooj, Dhanteras and Govardhan Pooja (छोटी दीपावली, दीवाली, भाई दूज, धनतेरस और गोवर्धन पूजा का महत्व):

आपने सड़कों पर दिये ही दिये या पटाखे ही पटाखे की होर्डिंग तो देखी ही होगी। दीपावली पर ऐसी ही कहानियों ही कहानियों की unofficial होर्डिंग लगी हुई है। दीपावली से जुड़ी हुई कई कहानियां हैं जिसमें से आप बहुत सी नहीं जानते होंगे। चलिए शुरू से शुरू करते हैं दीपावली शृंखला में सबसे पहले आता है धनतेरस।

  • धनतेरस – धनतेरस को भगवान धन्वंतरि से जुड़ा माना जाता है। यह चिकित्सा के भगवान थे और समुद्र मंथन के दौरान प्रकट हुए थे। माता लक्ष्मी भी समुद्र मंथन के जरिए प्रकट हुईं थीं इसलिए इन्हें माता लक्ष्मी का भाई भी माना जाता है। 
  • छोटी दीपावली – छोटी दीपावली को नर्क चतुर्दशी के तौर पर मनाया जाता है। यह नरकासुर के वध के बाद से मनाई जाने लगी। दीपावली की पूरी शृंखला को ही इसके बाद से मनाया जाता है।
  • दीपावली – इस दिन माता लक्ष्मी समुद्र मंथन के दौरान प्रकट हुईं थीं। माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु का विवाह भी इसी दिन का माना जाता है। इसके अलावा इस दिन भगवान श्रीराम लंका में रावन का वध करके अयोध्या जी भी वापस आए थे। 
  • गोवर्धन पूजा – भगवान श्रीकृष्ण ने इसी दिन गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाया था। इस दिन उत्तरी भारत के कई राज्यों में विश्वकर्मा पूजा भी मनाई जाती है। 
  • भाई दूज – भाई दूज भी भगवान कृष्ण से ही जुड़ा हुआ है। भगवान कृष्ण इस दिन अपनी बहन सुभद्रा से मिलने से गए थे और वहाँ सुभद्रा द्वारा उनके माथे पर तिलक लगाया गया था, और तब से इस दिन भाई दूज मनाया जाता है। 

8) Holidays On Deepawali – (दीवाली की छुट्टियां) Interesting Facts About Deepawali:

भारत में दीपावली से जुड़ी सभी छुट्टियां दी जाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं अलग अलग देश जैसे, श्रीलंका, मॉरीशस, इत्यादि में भी दीपावली की छुट्टियां दी जाती हैं। इतना ही नहीं पाकिस्तान में भी दीपावली की ऑप्शनल छुट्टी भी दी जाती है, यानी कि अगर कोई चाहे तो घर पर रहकर दीपावली मना सकता है। 

इंक लैब के सभी पाठकों को शुभ दीपावली !

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