Irrfan Khan Biography : Movies, Family, Education, Death, Facts

Irrfan Khan Biography (इरफान खान की जीवनी):

Irrfan Khan with dir. Meera Nair.

Irrfan Khan is no more among us. His life and journey so far has been highly inspirational for all the struggling actors. In his career, he rose to fame after the struggle and hard work of many years. Irrfan Khan will always be remembered for his unforgettable roles in Indian Cinema and World Cinema.

Irrfan Khan Life: Some quick facts

नाम (Name) : साहबजादे इरफान खान (Sahabzade Irrfan Khan)

उम्र (Age) : 53 साल 

जन्म तिथि (Date of Birth) : 7 जनवरी, 1967

जन्म स्थान (Birth Place): जयपुर (राजस्थान) 

पत्नी (Wife) : सुतापा सिकदर (Sutapa Sikdar)

मृत्यु (Irrfan Khan Death) : 29 अप्रैल, 2020: कोलोन इन्फेक्शन के कारण. 

प्रोफेशन (Profession) : कलाकार, निर्देशक 

हाइट (Height) : 6 फीट 

धर्म (Religion) : इस्लाम 

कास्ट (Caste) : पठान 

फूड हैबिट (Food Habit) : वेजिटेरियन 

परिवार (Irrfan Khan Family) :

पत्नी (Wife): सुतापा सिकदर (डायलॉग और स्क्रीनप्ले राइटर) 

बेटे : अयान खान, बाबिल खान 

पिता : साहबजादा यासीन अली खान 

माता : सैयदा बेगम

भाई : सलमान खान, इमरान खान

बहन : रुखसाना बेगम

कमाई (Net Worth) :

सैलरी : हर फिल्म के लिए 12- 14 करोड़ रुपये 

सालाना आय : 344 करोड़ रुपये (2018 के मुताबिक). 

फिल्मी करियर (Irrfan Khan Movies) : 

डेब्यू फिल्म्स (Debout Films): 

टीवी : श्रीकांत (1985)

हिन्दी (Bollywood) : सलाम बॉम्बे (1988)

ब्रिटिश : दि वारियर ( 2001)

हॉलीवुड (Hollywood) : ए माईटी हार्ट (2007)

लास्ट फिल्म (Last Film) : अँग्रेजी मीडियम (Angrezi medium) (2020) 

अवार्ड, आॅनर्स (Awards, Honours)

नेशनल फिल्म अवार्ड 2013 (National Award): बेस्ट ऐक्टर : पान सिंह तोमर 

पद्म श्री पुरस्कार 2011: कला के क्षेत्र मे योगदान के लिए. 

फिल्म फेयर अवार्ड्स :

2004: हासिल 

2008 : लाइफ इन ए मेट्रो 

2013: पान सिंह तोमर (Paan Singh Tomar)

2018: हिन्दी मीडियम (Hindi medium)

Irrfan Khan’s Life in Detail:

Irrfan Khan इरफान खान भारतीय हिन्दी सिनेमा खास तौर पर बॉलीवुड के एक जाने माने कलाकार थे. बॉलीवुड के अलावा उन्होंने अन्य भाषाओं के सिनेमा जैसे हॉलीवुड और ब्रिटेन की फ़िल्मों मे भी काम किया था. अपने पूरे 30 साल के करियर मे इरफान ने कई अवार्ड्स भी जीते, जिनमे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर अवार्ड भी शामिल हैं. इरफान को इंडियन सिनेमा के सबसे ज्यादा मंझे हुए कलाकारों मे से एक गिना जाता है. 

ऐक्टिंग के साथ साथ इरफान एक मुखर व्यक्ति भी थे, जो अपनी बात कहने से कभी संकोच नहीं करते थे. जयपुर मे अपनी फिल्म मदारी के प्रमोशन के लिए आए इरफान ने ईद – उल- अजहा के दौरान जानवरों की कुर्बानी पर सवाल किए थे. उन्होंने कहा था कि “जितने रिचुअल्स हैं, जितने फेस्टिवल्स हैं, हम उनका असल मतलब भूल गए हैं. हमने उनको एक तमाशा बना दिया है. कुर्बानी एक बहुत अहम फेस्टिवल है.. जिसका मतलब त्याग होता है. उस वक़्त पर बकरी खाने का एक बड़ा सोर्स होती थी और बहुत सारे ऐसे लोग थे जो भूखे रहते थे, इसलिए एक तरह से कुर्बानी मे आपको कुछ ऐसी चीज का त्याग करना चाहिए जो आपके बहुत करीब हो और फिर उसे लोगों मे बांट देना चाहिए. किसी निरीह जानवर को मारना कुर्बानी नहीं होती. “ उनके इस कमेन्ट को सभी जगह मुस्लिम इमाम द्वारा criticise किया गया था. जिसके बाद उन्होंने फिर से ट्वीट कर अपनी बात कही कि ” प्लीज भाइयों, मेरे स्टेटमेंट के कारण जो भी लोग खफा हैं, या तो वे खुद के अंदर झांकने के लिए तैयार नहीं हैं या फिर उन्हें conclusion तक पहुंचने की बहुत जल्दी है और वे इसका मतलब समझना ही नहीं चाहते.” 

Irrfan Khan was only Indian actor to be part of two Oscar winning movies.

Irrfan Khan : Childhood, Early Life, Education 

7 जनवरी साल 1966 मे जयपुर मे इरफान खान का जन्म हुआ था. सभी उन्हें साहबजादे इरफान खान “Sahabzade Irrfan Khan” कहकर बुलाते थे. उनका परिवार राजस्थान का एक मुस्लिम पठान परिवार था. उनकी अम्मी बेगम खान एक हाऊसवाइफ थी और अब्बू जागीरदार खान टायर का बिजनैस सम्भालते थे. 29 अप्रैल, 2020 को colon infection की वज़ह से इरफान की मृत्यु हो गई. एक लम्बे अर्से से वे कैंसर से जंग लड़ रहे थे. इरफान की मौत हिन्दी सिनेमा जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है और वे अपने सभी फैन्स और चाहने वालों के दिलों मे एक कभी ना भर सकने वाला घाव छोड़ गए हैं. 

इरफान को बचपन से ही क्रिकेट खेलने का काफी शौक था और वे काफी अच्छा खेलते भी थे. उनकी इसी स्किल की वज़ह से उन्हें C. K. Naydu cricket tournament के लिए सेलेक्ट भी कर लिया गया था, लेकिन उस वक़्त पैसे ना होने की वज़ह से इरफान उसमे खेलने नहीं जा सके थे. 

इसके बाद साल 1984 मे जब वे आर्ट्स से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे थे, तब उन्हें नई दिल्ली के National School of Drama यानी NSD मे पढ़ने के लिए Scholarship मिल गई. वहां कुछ साल एक्टिंग सीखने के बाद जब इरफान मुंबई पहुंचे. तो वहां पर उन्होंने Ac रिपेयर करने का काम करना शुरू कर दिया. ऐसे ही एक बार उन्होंने अपने जमाने के सुपरस्टार राजेश खन्ना के घर का Ac भी रिपेयर किया था. 

साल 1995 मे इरफान ने अपनी दोस्त सुतापा सिकदर से शादी कर ली. सुतापा एक हिन्दू ब्राह्मण परिवार की थीं और इरफान से उनकी मुलाकात NSD मे ही हुई थी. इस कपल के दो बेटे हुए, जिनका नाम अयान और बाबिल खान है. सुतापा एक इंडियन फिल्म प्रोड्यूसर, डायलॉग और स्क्रीनप्ले राइटर हैं, जिन्होंने खामोशी (1996), सुपारी (2003), कहानी (2003), मदारी (2016) और करीब करीब सिंगल(2018) जैसी फेमस फ़िल्मों मे काम किया है. 

Irrfan Khan : TV Serials and Movies

अपने करियर की शुरुआत उन्होंने दूरदर्शन पर टीवी सीरियल मे काम करके की. उन्होंने चाणक्य, भारत एक खोज सारा जहां हमारा, बनेगी अपनी बात, चंद्रकांता, श्रीकांत, अनुगूंज जैसे सीरिअल मे रोल किए थे. इसके बाद उन्होंने स्टार प्लस के धारावाहिक ‘डर’ मे मेन विलेन का रोल निभाया था. वहीं एक दूसरी टीवी सीरीज मे उन्होने एक क्रांतिकारी उर्दू शायर और मार्क्सवादी राजनीतिक कार्यकर्ता मखदूम मोइनुद्दीन का किरदार निभाया था. 

साल 1998 मे इरफान ने पहली बार ‘सलाम बॉम्बे’ नाम की फिल्म से भारतीय सिनेमा में कदम रखा. इसके बाद 1990 मे उन्होने एक डॉक्टर की मौत और Such a Long Journey जैसी फिल्म मे काम किया, जिन्हें critics द्वारा काफी सराहा गया था. 

अपने करियर मे कई सीरियल और फिल्म के बाद Irrfan Khan को लंदन के डायरेक्टर द्वारा ‘The Warrior’ फिल्म मे लीड रोल के लिए सेलेक्ट किया गया. इस फिल्म को साल 2001 मे international film festival मे दिखाया गया और वहां से इरफान सबकी नज़रों मे आए. 

Irrfan Khan with actress Tabu during promotion of ‘Namesake’.

इसके बाद साल 2003 मे इरफान ने एक शॉर्ट फिल्म ‘Road to Ladakh’ मे काम किया. इस शॉर्ट फिल्म को international festivals मे काफी ज्यादा शोहरत और तारीफें मिली. उसी साल इरफान ने Shakespeare के ड्रामा Macbeth के हिन्दी वर्जन में ‘मकबूल’ का लीड रोल निभाया. साल 2004 मे इरफान को ‘हासिल’ फिल्म मे उम्दा अदाकारी के लिए पहला filmfare award मिला. 

साल 2005 मे इरफान ने ‘रोग’ नाम की फिल्म में रोल किया, जिसकी सभी critics ने काफी प्रशंसा की. 2007 मे आई मूवी ‘life in a metro’ बॉक्स ऑफिस पर काफी हिट रही, जिसमें उनके साथ शाइनी आहूजा, शिल्पा शेट्टी, कंगना रनौत जैसे स्टार्स भी थे. ‘मेट्रो’ और ‘Namesake’ के लिए इरफान को filmfare awards भी मिले. 

बॉलीवुड में एक जाना पहचाना चेहरा बनने के बाद भी इरफान ने टीवी सीरीज मे काम करना जारी रखा. 

साल 2008 मे आई मूवी Slumdog Millionaire इरफान की life का टर्निंग पॉइंट बनी, जिसमें उन्होंने एक पुलिस इंस्पेक्टर का रोल निभाया था. इस मूवी की टीम की जबरदस्त ऐक्टिंग, म्युजिक और डायरेक्शन की बदौलत Slumdog millionaire ने रिकॉर्ड तोड़ 8 ऑस्कर अवार्ड्स जीते. 

इसके बाद इरफान ने अपने करियर मे action roles करने की चाहत जताई. जिसके बाद उन्हें ‘New York’ मे एक fbi agent का रोल ऑफर किया गया. उनकी फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ मे इरफान ने एक ऐसे खिलाड़ी का रोल निभाया, जो परिस्थितियों की वज़ह से डाकू बन जाता है. इस मूवी मे इरफान की एक्टिंग को काफी appreciation मिली थी. 

इरफान ने ऑस्कर विनिंग मूवी ‘Life of Pie’ मे भी Piscine Pi’Molitor Patel की अडल्ट लाइफ का रोल प्ले किया था. इस मूवी को पूरी दुनिया की ऑडियंस द्वारा देखा और पसंद किया गया था. 

साल 2013 मे ‘The Lunchbox‘ मे इरफान नजर आए, जिसे Cannes Film Festival मे Grand Rail D’Or अवार्ड से सम्मानित किया गया और इसे BAFTA के लिए नोमिनेट भी किया गया था. 

2015 मे आई ‘पीकू‘ मे इरफान ने दीपिका पादुकोण और अमिताभ बच्चन के साथ काम किया. उसी साल इरफान हॉलीवुड मूवी ‘Jurassic World’ मे भी नजर आए थे. इसके अलावा ‘तलवार’, ‘ज़ज्बा’ और Tom Hanks के साथ ‘Inferno’ मे भी इरफान ने काम किया था. 

Irrfan Khan ने 2017 मे ‘हिन्दी मीडियम‘ मे लीड रोल प्ले किया, जिसके लिए उन्हें बेस्ट ऐक्टर का फिल्मफेयर अवार्ड भी दिया गया. ये मूवी इन्डिया और चाइना मे काफी ज्यादा हिट रही थी. ‘करीब करीब सिंगल’ मे भी इरफान के रोल को लोगों ने बहुत प्यार दिया. 

साल 2018 मे मूवी ‘Blackmail’ में वे कीर्ति कुल्हारी के साथ नजर आए थे. इरफान की मौत से पहले की उनकी आखिरी फिल्म ‘अँग्रेजी मीडियम’ थी. 

Irrfan Khan : Disease and Death

फरवरी 2018 मे इरफान की बॉडी में किसी रेयर बीमारी को डायग्नॉस किया गया था. इसके कुछ वक़्त बाद उन्होंने खुद ही सबके सामने इस बीमारी का खुलासा किया और बताया कि उन्हें neuroendocrine tumour हुआ है और ये एक rare टाइप का कैंसर है जो शरीर के अलग अलग बॉडी पार्ट्स को अपना निशाना बनाता है. उसी साल अपने इलाज के लिए इरफान लंदन चले गए थे. थोड़े सुधार के बाद वे भारत वापस आ गए और फिर से अपने काम मे लग गए. 

28 अप्रैल, 2020 को इरफान को आनन फानन मे मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अम्बानी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनके colon infection का ट्रीटमेन्ट शुरू किया गया. इससे ठीक 3 दिन पहले 25 अप्रैल, 2020 को इरफान की अम्मी बेगम खान का जयपुर मे इंतकाल हो गया था, जिस वज़ह से इरफान काफी ज्यादा दुखी थे और वे coronavirus के चलते national lockdown की वज़ह से अपनी अम्मी के पास आखिरी बार मिलने भी नहीं जा सके थे. अगले दिन 29 अप्रैल, 2020 को अपनी अम्मी के जाने के 4 दिन बाद, 53 साल के इरफान ने भी अपनी आंखें हमेशा के लिए मूंद ली. जाने से पहले उन्होंने अपनी पत्नी से कहा भी था कि अम्मी मुझे लेने आई है. इरफान के जाने से ना सिर्फ भारतीय सिनेमा बल्कि पूरा देश और उनके चाहने वाले सदमे मे हैं. उनका अचानक से जाना सभी को रुला गया. 

Irrfan Khan was suffering from Neuroendocrine tumour and went London for its treatment.

Some Popular movie lines 

1)” सिर्फ इंसान गलत नहीं होते, वक़्त भी गलत हो सकता है.” 

2) ” चाल हम चलेंगे, शह भी हम देंगे और मात भी हम देंगे.” 

3) “दरिया भी मैं, दरख्त भी मै. झेलम भी मैं, चिनाब भी मैं. दैर भी हूँ, हरम भी हूँ. शिया भी हूँ, सुन्नी भी हूँ, मैं हूँ पंडित, मैं हूँ, मैं था और मैं ही रहूँगा. “

4) ” बीहड़ मे बागी होते हैं, डकैत मिलते हैं पार्लियामेंट मे. “

5) ” आदमी का सपना टूट जाता है ना, तो आदमी ख़तम हो जाता है. ” 

6) ” ये शहर हमे जितना देता है, बदले मे कहीं ज्यादा हम से ले लेता है. “

7) ” गलतियां भी रिश्तों की तरह होती हैं, करनी नहीं पड़ती, हो जाती हैं. ” 

8) ” कभी कभी गलत ट्रेन भी सही मंजिल तक पहुंचा देती है.” 

Irrfan Khan : Unknown Facts

1) इरफान खान बचपन मे अपने स्कूल के दिनों से से ही काफी शर्मीले थे. 

2) इरफान ने अपनी लाइफ में ऐक्टर बनने से पहले ट्यूशन पढ़ाने और Ac रिपेयर करने का काम भी किया था. 

3) इरफान पहली बार लोगों की नजर मे ब्रिटिश फिल्म’ The Warrior’ से आए. 

4) National School of Drama से अपना डिप्लोमा पूरा करने के बाद इरफान ने कई सारे टीवी सीरियल जैसे चाणक्य, चंद्रकांता मे भी काम किया. 

5) इरफान की मुलाकात सुतापा से पहली बार National School of Drama मे हुई थी, जब वे वहां पढ़ रहे थे. जिस दौरान वे एक दूसरे को पसंद करने लगे और 23 फरवरी, 1995 को उन्होंने शादी कर ली. 

6) इरफान ने ये भी बताया था साल 1993 मे सिनेमा हाल मे जाकर Jurassic Park मूवी देखने के लिए भी उनके पास पैसे नहीं होते थे, और अब 2015 मे वे खुद ही Jurassic World का हिस्सा बन गए. 

7) इरफान बचपन मे काफी अच्छे क्रिकेट प्लेयर थे, लेकिन पैसों की तंगी की वज़ह से उन्हें अपना ये सपना छोड़ना पड़ा था. 

8) साल 2011 में इरफान को पद्म श्री और इंटरनेशनल सिनेमा में अद्वितीय योगदान के लिए International Indian Film Academy अवार्ड से नवाजा गया था. 

9) फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ के लिए इरफान को बेस्ट ऐक्टर का National Film Award दिया गया था. 

10) Irrfan इंडस्ट्री के बाकी actors से पूरी तरह अलग थे. वे अपनी बात कहने मे जरा भी नहीं हिचकिचाते थे, फिर चाहे वो बात अपने ही समाज या धर्म के खिलाफ क्यूँ ना हो. Arnab Goswami के एक टॉक शो के दौरान Irrfan ने मुस्लिम धर्म की प्रथाओं और इमामों की तार्किकता पर सवाल खड़े किए थे. इरफान ने ये भी कहा कि कुर्बानी के लिए किसी निरीह और कमजोर जीव को मारना कहाँ तक सही है, और वो भी तब जब उसे बाजार से खरीद कर लाया जाए. कुर्बानी का मतलब ये नहीं होता. उनके इस कमेन्ट की वज़ह से इरफान को काफी criticism झेलना पड़ा था और उन्हें समुदाय से निकालने और जान से मारने तक की धमकी दी गई थी, लेकिन वो अपनी बात पर पूरी तरह से डिगे रहे. इरफान की पत्नी ने भी इस पर कहा था कि हमे इरफान पर बहुत गर्व है. 

11) एक मुस्लिम पठान परिवार से होने के बावजूद इरफान ने कभी meat या non veg नहीं खाया. उनकी इस आदत को देखकर उनके घर वाले हैरान रहते थे और उनके पिता तो इरफान के लिए अक्सर ये कहते थे कि पठान के घर मे एक ब्राह्मण ने जन्म लिया है. 

Irrfan Khan giggling with Co actor Sumit Gulati.

दोस्तों, “Irrfan Khan” भारतीय सिनेमा का एक ऐसा सितारा है, जिसने अपनी acting के दम पर पूरी दुनिया मे इंडिया का नाम रोशन किया है. Irrfan Khan की ऐक्टिंग इतनी नेचुरल लगती थी कि ऐसा लगता था उनके किरदार मे वे खुद पूरी तरह से रच बस गए हैं. इरफान के जाने के बाद उनकी जगह बहुत से actors आएंगे और जाएंगे, लेकिन हिन्दी सिनेमा में फिर कोई दूसरा Irrfan Khan अब कभी नहीं होगा.

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