Mahatma Gandhi ji: Jayanti, Quotes, Life, Family, Death, Biography

Mahatma Gandhi ji life
पूरा नाम (Full Name)मोहनदास करमचंद गांधी (Mohandas Karamchand Gandhi)
उपनाम (Nickname)बापू, महात्मा, राष्ट्रपिता (Father of the Nation)
हाइट (Height)5’6″ (168 cm.)
पेशा (Profession)राजनेता, वकील, शांति कार्यकर्ता, दार्शनिक और स्वतंत्रता सेनानी (Politician, Lawyer, Peace Activist, Philosopher and Freedom Fighter)
जन्मतिथि/ जयंती (Birthday/ Jayanti)2 अक्टूबर, 1869 (शनिवार) (2 October, 1869) (Saturday)
जन्मस्थान (Place of Birth)पोरबंदर, गुजरात, भारत (Porbandar, Gujarat, India)
मृत्यु की तिथि (Date of Death)30 जनवरी, 1948 (30 January, 1948)
मृत्यु के समय उम्र (Age at the time of Death)78 वर्ष
मृत्यु का स्थान (Place of Death)बिड़ला मंदिर (Birla Temple, New Delhi)
मृत्यु का कारण (Cause of Death)नाथूराम गोडसे द्वारा गोली मारकर हत्या (Assassination by Shooting by Nathuram Godse)
स्मारक (Memorial)नई दिल्ली (Raj Ghat, New Delhi)
पिता (Father)करमचंद गांधी (Karamchand Gandhi) (Diwan at Rajkot)
माता (Mother)पुतली बाई (Putli Bai)
भाई (Brothers)लक्ष्मीदास करम चंद गांधी (Laxmidas Karamchand Gandhi)
कर्षणदास गांधी (Karshandas Gandhi)
बहन (Sister)रालियातबेन गांधी (Raliatbehn Gandhi)
विवाह वर्ष (Marriage Year)मई 1883
पत्नी (Wife)कस्तूरबा गांधी (Kasturba Gandhi) (earlier: Kasturbai Makhanji Kapadia)
सन्तान (Child)Sons (पुत्र): हरिलाल गांधी (Harilal Gandhi)
मणिलाल गांधी (Manilal Gandhi)
रामदास गांधी (Ramdas Gandhi)
देवदास गांधी (Devdas Gandhi)
Daughters (पुत्री): लक्ष्मी (गोद ली गई) (Laxmi) (adopted) (died on 31 January, 1984)
मीराबेन (गोद ली गई) (Mirabehn) (adopted) (died on 20 July, 1982)
स्कूल (School)Alfred High School, Rajkot, Gujarat, India
कॉलेज (College)Samaldas College (Bhavnagar)
UCL Faculty of Laws, University College (London)
शिक्षा (Education)Barrister-at-Law
जाति (Cast)मोढ़ बनिया (Modh Baniya)
राशि (Zodiac Sign)तुला (Libra)
धर्म (Religion)हिन्दू (Hinduism)
राष्ट्रीयता (Nationality)   भारतीय (Indian)
भोजन का प्रकार (Food Habit)शाकाहारी (Vegetarian)
पसंदीदा व्यक्ति (Favorite Persons)गौतम बुद्ध, राजा हरिश्चन्द्र, माता पुतलीबाई
पसंदीदा लेखक (Favorite Author)लियो टॉलस्टॉय (Leo Tolstoy)
Mahatma Gandhi Family
Mahatma Gandhi Family Tree

Mahatma Gandhi ji Quotes: अनमोल वचन

mahatma gandhi quotes

“आंख के बदले आंख, एक दिन पूरी दुनिया को अंधा बना देगी।” -(Mahatma Gandhi Ji)

(An eye for eye only ends up making the whole world blin
d.)

“जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं, उसमे सामंजस्य होता है, वास्तविक खुशी वही है।”

(Happiness is when what you think, what you say, and what you do are in harmony.)

“सौम्यता से, आप इस दुनिया को भी हिला सकते हैं।”

(In a gentle way, you can shake the world.)

“सत्य से बड़ा कोई भी ईश्वर नहीं है।”

(There is no god higher than truth.)

“आप जो वर्तमान में करते हैं, आपका भविष्य उसी पर निर्भर होता है।”

(The future depends on what we do in the present.)

“ये धरती इंसान की ज़रूरतों के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है, लेकिन ये उनके लालच के लिए पर्याप्त नहीं होता।”

(Earth provides enough to satisfy every man’s needs, but not every man’s greed.)

“अगर आप मांगेंगे नहीं, तो आपको मिलेगा भी नहीं।”

(If you don’t ask, you don’t get it.)
mahatma gandhi quotes

“जहां प्रेम है, वहां जीवन है। जहां सत्य है, वहां ईश्वर है।”

(Where there is love, there is life. Where there is truth, there is God.)

“अगर हम खुद को बदल सकेंगे, तो दुनिया की प्रवृत्ति भी बदलेगी। जैसे जैसे व्यक्ति अपना स्वभाव बदलता है, वैसे- वैसे दुनिया का उसके प्रति रुझान बदलता जाता है। दूसरे क्या कर रहे हैं, हमे यह देखने का इंतज़ार नहीं करना चाहिए।”

(If we could change ourselves, the tendencies in the world would also change. As a man changes his own nature, so does the attitude of the world change towards him. We need not wait to see what others do.)

“व्यक्ति सिर्फ अपने विचारों का ही परिणाम होता है। वह जो सोचता है, बन जाता है।”

(A man is but a product of his thoughts. What he thinks he becomes.)

“मैं किसी को गंदे पैरों के साथ अपने मन से गुज़रने नहीं दूंगा।”

(I will not let anyone walk through my mind with their dirty feet.)
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“कोई भी व्यक्ति मुझे मेरी इजाज़त के बिना चोट नहीं पहुंचा सकता है।”

(Nobody can hurt me without my permission.)

“कमज़ोर लोग कभी क्षमा नहीं कर सकते हैं। क्षमा करना तो शक्तिशाली लोगों की निशानी है।”

(The weak can never forgive. Forgiveness is an attribute of the strong.)

“अभ्यास का एक टुकड़ा भी, हज़ार शब्द कहने से बेहतर है।”

(An ounce of practice is worth a thousand words.)

“एक कायर व्यक्ति प्रेम प्रदर्शित नहीं कर सकता है; ऐसा करना  बहादुरी का प्रतीक है।”

(A coward is incapable of exhibiting love; it is the prerogative of the brave.)

“जियो तो ऐसे जियो कि कल ही आपकी मृत्यु हो जाएगी। सीखो तो ऐसे सीखो कि हमेशा के लिए जिंदा रहोगे।”

(Live as if you were to die tomorrow. Learn as if you were to live forever.)

“ऐसी आज़ादी किस काम की, जिसमे गलतियाँ करने की आज़ादी ही न हो।”

(Freedom is not worth having if it does not include the freedom to make mistakes.)

“अगर हमे सच मे इस दुनिया मे शांति लानी है और युद्ध के खिलाफ युद्ध छेड़ना है, तो इसकी शुरुआत हमे बच्चों से करनी होगी।”

(If we are to teach real peace in this world, and if we are to carry on a real war against war, we shall have to begin with the children.)
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“स्वयं को पाने का सबसे अच्छा तरीका है, खुद को दूसरों की सेवा में भुला देना।” 

(The best way to find yourself is to lose yourself in the service of others.)

“गौरव लक्ष्य तक पहुंचने के प्रयास में होता है, न कि लक्ष्य के पूरा होने में।”

(Glory lies in the attempt to reach one’s goal and not in reaching it.)

“असत्य और हिंसा का परिणाम कभी भी हमेशा के लिये भलाई नहीं हो सकती है।”

(Permanent good can never be the outcome of untruth and violence.)

“सिर्फ एक हृदय को सुख पहुंचाने का एक छोटा सा काम भी, प्रार्थना में झुकने वाले हज़ार सिरों से बेहतर है।”

(To give pleasure to a single heart by a single act is better than a thousand heads bowing in prayer.)

“आपके लिए क्या महत्वपूर्ण है, आपको ये बात तब तक पता नहीं चलती है, जब तक आप उन्हें खो नहीं देते हैं।”

(You don’t know who is important to you until you actually lose them.)

“मैं हिंसा का विरोध इसलिए करता हूँ, क्योंकि जब आपको लगता है कि इससे कुछ अच्छा होने वाला है, तो वह अच्छा बस कुछ ही समय के लिए होता है; और इससे होने वाला घाव सदा के लिये बना रहता है।”

(I object to violence because when it appears to do good, the good is only temporary; the evil it does is permanent.)
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“सबसे पहले खुद में वह बदलाव लाएं, जिसे आप दुनिया में होता देखना चाहते हैं।”

(Be the Change, you want to see in world.)

“आपको कभी नही पता होता कि आपके कार्य का क्या परिणाम होगा, लेकिन अगर आप कुछ नहीं करेंगे, तो उसका परिणाम भी कुछ नहीं आएगा।”

( You may never know what results come of your actions, but if you do nothing, there will be no results.)

“मैं किसी के आत्म- सम्मान के जाने से बड़े किसी दूसरे नुकसान की कल्पना भी नहीं कर सकता हूँ।”

(I cannot conceive of a greater loss than the loss of one’s self-respect.)

“आपको कभी भी मानवता पर से अपना भरोसा नहीं हटाना चाहिए। मानवता एक समुद्र की तरह है; अगर इसकी कुछ बूंदें गंदी हो जाती हैं, तो इसका मतलब ये तो नहीं कि सारा समुद्र ही मैला है।”

(You must not lose faith in humanity. Humanity is like an ocean; if a few drops of the ocean are dirty, the ocean does not become dirty.)

Mahatma Gandhi Interesting Facts: महत्वपूर्ण फैक्ट्स

  • महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi Ji) का जन्म गुजरात के पोरबंदर गांव (सुदामापुरी) में एक हिन्दू मोढ़ बनिया परिवार में हुआ था।
  • महात्मा गांधी के पिता करम चंद गांधी का विवाह 4 बार हुआ था। जिसमे से उनकी पहली दो पत्नियों का कम उम्र में ही निधन हो गया था। करमचंद गांधी को उन दोनों से ही एक- एक पुत्री की प्राप्ति हुई थी। करमचंद की तीसरी पत्नी के साथ उन्हें कोई संतान नही हुई थी। जिसके बाद 1857 में करमचंद का विवाह उनकी चौथी पत्नी पुतलीबाई (1841- 1891) के साथ करवाया गया था।
  • महात्मा गांधी के दो सगे बड़े भाई लक्ष्मीदास (1860-1914), कर्षणदास (1866-1913) और एक सगी बहन रालियातबेन (1862-1960) भी थे। 
  • महात्मा गांधी के जीवन पर राजा हरिश्चन्द्र और श्रवण कुमार का काफी ज्यादा प्रभाव रहा। अपने बचपन में उन्होंने अपनी माता पुतलीबाई से इनके त्याग और बलिदान की कहानियां सुनी थीं। इन कहानियों से प्रभावित होकर ही अपने जीवन मे आगे चलकर उन्होंने सत्य, अहिंसा, प्रेम और त्याग को अपनाया। 
  • अपने स्कूल के दिनों में महात्मा गांधी की मुलाकात एक मुस्लिम मित्र मेहताब शेख से हुई। मेहताब ने उन्हें अपनी लम्बाई बढ़ाने के लिए मांस- मदिरा का सेवन करने को प्रोत्साहित किया। इसके बाद वह उन्हें एक वैश्यालय में भी लेकर गया। महात्मा गांधी के लिए ये काफी परेशानी भरा था और उन्होंने फिर तुरन्त ही मेहताब का साथ छोड़ दिया। 
  • मई, 1883 में 13 वर्ष की उम्र में महात्मा गांधी का विवाह 14 वर्षीय कस्तूरबाई माखनजी कपाड़िया (जिन्हें “कस्तूरबा” या “बा” भी कहा जाता है) के साथ हो गया। उस वक्त उनके लिए शादी का मतलब नए कपड़े पहनना, मिठाई और अच्छा खाना खाना और रिश्तेदारों से मिलने से था। 
Kasturba Gandhi
Mahatma Gandhi wife: Kasturba Gandhi
  • सन 1885 में उनके पिता की मृत्यु हो गई। उस वक्त महात्मा गांधी की उम्र 16 वर्ष थी। उसी वर्ष महात्मा गांधी और कस्तूरबा के यहां पहले पुत्र का जन्म हुआ, जो दुर्भाग्यवश सिर्फ कुछ दिन ही जी सका। बाद में, इस दंपत्ति के चार पुत्र हरिलाल, मणिलाल, रामदास, देवदास हुए। 
  • 1899 में, साउथ अफ्रीका में बोर युद्ध (Boer War) छिड़ने पर, मोहनदास गांधी एम्बुलेंस कॉर्प्स से (Ambulance Corps) जुड़े। बोर्स के खिलाफ ब्रिटिश कॉम्बैट सैनिकों की सहायता के लिए गांधीजी ने 1100 भारतीयों को तैयार किया। गांधी जी और 37 अन्य भारतीयों को उनके योगदान के लिए ब्रिटिश महारानी द्वारा साउथ अफ्रीका मैडल (South Africa Medal) प्रदान किया गया। 
  • 11 सितम्बर, 1906 को उन्होंने पहली बार ट्रांसवाल सरकार (Transvaal Government) के विरुद्ध भारतीय और चीनी लोगों के खिलाफ जारी किए गए दमनकारी कानून के विरोध में  “सत्याग्रह” (Satyagraha) अपनाया। 
  • लियो टॉलस्टॉय (Leo Tolstoy) द्वारा तारक नाथ दास (Tarak Nath Das) को लिखे गए एक पत्र से गांधी जी काफी प्रभावित हुए। 1915 में भारत आकर उन्होंने सत्याग्रह के इसी सिद्धांत को अपनाया। 
  • 13 से 22 नवम्बर, 1909 के बीच साउथ अफ्रीका से लंदन जाते हुए S.S. Kildonan Castle पर गुजराती भाषा में “हिन्द- स्वराज” (Hind Swaraj) लिखी। 
  • 1910 में उन्होंने जोहान्सबर्ग के पास एक आदर्शवादी संस्था “Tolstoy Farm” की स्थापना की। 
  • 9 जनवरी, 1915 को महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi Ji)21 वर्ष साउथ अफ्रीका में रहकर भारत वापस लौट आये। उनके अपने देश वापस आने के उपलक्ष्य में वर्ष 2003 से ही यह दिन पूरे भारत मे “प्रवासी भारतीय दिवस” (Pravasi Bhartiya Divas) के रूप में मनाया जाता है।
  • मई, 1915 में गांधी ने अहमदाबाद के कोचरब में ‘सत्याग्रह आश्रम‘ की स्थापना की। 
  • अप्रैल 1917 में, एक सामान्य साहूकार राज कुमार शुक्ला (Raj Kumar Shukla) के आग्रह पर गांधी चम्पारण (Champaran) में जाकर नील की खेती करने वाले किसानों (Indigo farmers) से जाकर मिले और उनकी समस्याएं समझी। भारत मे ब्रिटिश अत्याचार के खिलाफ महात्मा गांधी का यह पहला आंदोलन था। 
  • 1918 में वल्लभभाई पटेल के साथ उन्होंने खेड़ा आंदोलन (Kheda Movement) में बाढ़ और आपदा के कारण कर में छूट दिलाने के लिए भाग लिया। 
  • 1919 में प्रथम विश्व युद्ध के समाप्त होने पर महात्मा गांधी ने खलीफा साम्राज्य (Ottoman Empire) का समर्थन किया और भारत मे ब्रिटिश आक्रांताओं के खिलाफ मुस्लिमों से समर्थन प्रदान करने की अपील की। 
  • 1920-21 के बीच उन्होंने असहयोग आंदोलन और खिलाफत आंदोलन चलाया। 
  • 1922 में क्रांतिकारियों द्वारा चौरा- चौरी कांड करने से निराश गांधीजी ने असहयोग आंदोलन की वापस ले लिया। 
  • 10 मार्च 1922 को उन्हें पकड़कर येरवदा जेल (Yervada Jail) भेज दिया गया, जहां वे मार्च 1924 तक रहे। 
  • 17 सितम्बर, 1924 को उन्होंने हिन्दू- मुस्लिम भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए 21 दिन का उपवास किया। 
  • दिसम्बर, 1924 को उन्होंने पहली और एकमात्र बार कांग्रेस के बेलगांव सेशन (Belgaum Session) की अध्यक्षता की। 
  • दिसम्बर, 1929 को गांधी जी के “पूर्ण- स्वराज” (Complete Independence) के संकल्प को कांग्रेस के लाहौर सेशन (Lahore Session) में अपनाया गया।
  • 12 मार्च, 1930 को उन्होंने नमक कानून (Salt Law) को तोड़ने के लिए अपनी विख्यात दांडी यात्रा (Dandi March) आरम्भ की। 
  • 1936 में, गांधी ने वर्धा (Wardha) में सेवाग्राम आश्रम (Sevagram Ashram) की स्थापना की। 
  • 1994 में आखिरकार जब काले साउथ अफ्रीकी लोगों को वोट देने का अधिकार मिला, तो उन्होंने महात्मा गांधी को एक राष्ट्रीय हीरो माना और उनके योगदान के लिए उनके कई स्मारक बनवाए। 
  • महात्मा गांधी का नाम नोबल शांति पुरस्कार के लिए पांच बार (1937-1948) भेजा गया। लेकिन उन्हें यह कभी नही मिला। इसके बाद उन्हें पांचवी बार जब अवार्ड दिया जाना तय किया गया, लेकिन उसके पहले ही उनकी हत्या हो गई। नोबल पुरस्कार कभी किसी व्यक्ति को मरणोपरांत नहीं दिया जाता। इसलिए गांधीजी को पांचवी बार में भी नोबल शांति पुरस्कार प्राप्त नहीं हो सका।
  • महात्मा गांधी को पहली बार ‘महात्मा’ गुरु रवींद्रनाथ टैगोर (Rabindra Nath Tagore) द्वारा कहा गया था। 
  • वर्ष 1969 में, महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi Ji) के 100वें जन्मदिन के अवसर पर सोवियत यूनियन (Soviet Union) द्वारा उनके सम्मान में एक स्टाम्प जारी की गई थी।
  • मार्टिन लूथर किंग (Martin Luther King) भी महात्मा गांधी से काफी ज्यादा प्रभावित थे और उनके बताए गए मार्ग का पालन करते थे। 
  • इसके अलावा दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला भी रंगभेद आंदोलन के विरोध में गांधीजी के विचारों से काफी प्रभावित थे और अंत मे वे गोरे लोगों के शासन को समाप्त करने में कामयाब भी हुए। ऐसा कहा जाता है कि जिस मुहिम को गांधी जी ने शुरू किया था, नेल्सन मंडेला ने उसे उसके आखिरी मुकाम तक पहुंचाया। 
  • 1906 में गांधीजी ने संभोग रहित जीवन (abstain sex life) जीने की शपथ ली थी। गांधीजी ने अपनी पवित्रता बनाए रखने के लिए कई प्रयोग भी किये। वे अपनी पोती मनुबेन और कई अन्य जवान औरतों और लड़कियों के साथ निर्वस्त्र होकर सोते थे, जिसमे वे अपने ‘ब्रह्मचर्य‘ की जांच कर सकें। 
  • 1968 में गांधी जी के जीवन पर पहली डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म विट्ठलभाई झावेरी द्वारा “Mahatma: Life of Gandhi (1869-1948)” बनाई गई थी।
  • 1982 में रिचर्ड एटेनबॉरो (Richard Attenborough) द्वारा निर्देशित फिल्म “गांधी” (Gandhi) को बेस्ट पिक्चर के लिए एकेडमी अवार्ड (Academy Award: Oscar) से सम्मानित किया गया था। इस फ़िल्म में गांधी का रोल हॉलीवुड के मशहूर एक्टर Ben Kingsley ने निभाया था। इस फिल्म को आप नीचे दिए गए लिंक से देख सकते हैं।
  • भारतीयों द्वारा हमेशा गांधीजी को “राष्ट्रपिता” (Father of the Nation) के रूप में संबोधित किया जाता है, हालांकि इस उपाधि के दिये जाने का कोई सरकारी प्रमाण मौजूद नहीं है। सूत्रों के अनुसार, उन्हें पहली बार राष्ट्रपिता (Father of the Nation) नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhash
  • Chandra Bose) द्वारा 6 जुलाई, 1944 को एक रेडियो संबोधन में कहा गया था।
  • सूत्रों का मानना है कि 1943 में आई “राम- राज्य” (Ram- Rajya) ही एकमात्र ऐसी फिल्म थी, जिसे महात्मा गांधी ने देखा था।
  • 1996 में रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) ने 10 और 500 रुपये के “गांधी सीरीज़” के बैंक नोट जारी किए। 1996 के बाद से इस सीरीज के नोटों से बाकी सभी नोटों को बदल दिया गया और अब भारतीय मुद्रा के हर एक नोट में गांधीजी का चित्र छपा होता है।
  • 2006 में आई बॉलीवुड कॉमेडी फिल्म “लगे रहो मुन्ना भाई” फ़िल्म गांधी जी के आदर्शों पर ही आधारित थी। 
  • वर्ष 2007 में, संयुक्त राष्ट्र सभा (United Nations General Assembly) द्वारा 2 अक्टूबर (Mahatma Gandhi Ji) की जयंती) को “अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस” (The International Day of Non-Violence) के रूप में मनाए जाने की घोषणा की। 

Mahatma Gandhi Biography: महात्मा गांधी जी की जीवनी

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मोहनदास करमचंद गांधी (महात्मा गांधी) भारत के स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ-साथ सबसे ज्यादा लोकप्रिय राजनेता और नेतृत्वकर्ता थे। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रपिता Mahatma Gandhi Ji का योगदान अविस्मरणीय है। भारत के लोगों द्वारा उन्हें प्यार से ‘बापू’ भी कहा जाता है। निस्संदेह उन्होंने भारत के गरीब लोगों की जीवन दशा सुधारने के भरसक प्रयास किये।

भारत मे हर साल उनका जन्मदिन गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पूरे देश मे राष्ट्रीय अवकाश होता है। इसके साथ पूरे विश्व मे महात्मा गांधी की जयंती को “अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस” के रूप में मनाया जाता है। उनके सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों ने पूरे विश्व को प्रभावित किया। उनके सिद्धांतो का गहरा असर मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला के जीवन पर भी पड़ा।

महात्मा गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर, 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। अपने जीवन के 21 साल साउथ अफ्रीका में रहकर उन्होंने वहां भी नस्लीय। आधार पर हो रहे भेदभाव और अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई। उन्होंने विरोध करने का अहिंसात्मक मार्ग चुना और सरकार की दमनकारी नीतियों के विरोध में सत्याग्रह किया। उनकी सरल और साधारण जीवन शैली से लाखों लोग प्रभावित और प्रेरित हुए। उन्हें बापू और राष्ट्रपिता भी कहा जाता है। 

30 जनवरी,1948 को महात्मा गांधी की हत्या नाथूराम गोडसे द्वारा कर दी गई। और इसी वजह से यह दिन पूरे भारत में “शहीद दिवस” (Martyr’s Day) के रूप में मनाया जाता है। 

Mahatma Gandhi: Life and Family

महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi Ji) का जन्म राजकोट के दीवान करमचंद गांधी और उनकी पत्नी पुतलीबाई के यहां हुआ था। महात्मा गांधी की माता पुतलीबाई जूनागढ़ के परनामी वैष्णव परिवार से थीं। महात्मा गांधी की माता पुतलीबाई एक अत्यंत धार्मिक स्त्री थी। और वे समय- समय पर उपवास भी रखा करतीं थी। अपनी माता से प्रभावित होकर की गांधी ने भी लंबे समय के उपवास रखना प्रारम्भ किया था। 

Mahatma Gandhi Ji के जन्म का नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। 13 वर्ष की उम्र भर इनका विवाह कस्तूरबा गांधी के साथ हुआ। इनके घर चार पुत्र हरिलाल, मणिलाल, रामदास और देवदास हुए। साल 1944 में, उनकी पत्नी कस्तूरबा की बीमारी से मृत्यु हो गई। कस्तूरबा ने शुरुआत से ही महात्मा गांधी के हर निर्णय में उनका साथ दिया था और भारत की आज़ादी की लड़ाई में भी महात्मा गांधी के साथ वे कदम से कदम मिलाकर चलीं थीं। 

Mahatma Gandhi: Education (शिक्षा) and Political Career :

9 वर्ष की उम्र में मोहनदास का दाखिला राजकोट के एक नजदीकी स्कूल में कराया गया, जहां उन्हें गणित, इतिहास, भूगोल और अन्य विषय पढ़ाए जाते थे। 11 वर्ष की उम्र में वे राजकोट के हाई स्कूल में पढ़ने लगे। सन 1888 में वे गुजरात के भावनगर के समलदास कॉलेज में चले गए। 

इसके बाद, 10 अगस्त, 1888 को मावजी दवे जोशीजी की सलाह पर मोहनदास लंदन जाकर वकालत पढ़ने के लिए पोरबंदर से निकल गए। वहां जाने से पहले, मोहनदास ने अपनी माता के सामने शपथ ली कि वे “मदिरा, मांस और स्त्रियों” से दूरी बनाए रहेंगे।

लंदन में रहते हुए, मोहनदास ने वहां की “वेजेटेरियन सोसाइटी” (Vegetarian Society) की सदस्यता ग्रहण कर ली। यहां उनके कुछ शाकाहारी मित्रों द्वारा उन्हें भगवद्गीता के बारे में जानकारी हुई और उन्होंने इसे पढ़ा। गांधी जी (Mahatma Gandhi Ji) के आगे के जीवन मे श्री मदभागवत गीता का काफी ज्यादा प्रभाव रहा। 

12 जनवरी, 1891 को मोहनदास ने लॉ एग्जाम (Law Examination) में कामयाबी हासिल कर ली।

जून, 1891 को 22 वर्षीय मोहनदास को ब्रिटिश बार कॉउंसिल में निमंत्रित किया गया और हाई कोर्ट में उन्हें एनरोल किया गया। उसी वर्ष मोहनदास भारत लौटे, यहां आकर उन्हें अपनी माता पुतलीबाई की मृत्यु होने की खबर मिली। 

भारत मे उनकी मुलाकात रायचंदभाईजी (जिन्हें वे अपना ‘गुरु’ मानते हैं) से हुई। 

इसके बाद 1893 में, एक मुस्लिम व्यापारी दादा अब्दुल्लाह उनसे मिला, जिसका साउथ अफ्रीका में जहाज का बड़ा व्यापार था। अब्दुल्लाह का एक भाई, जो जोहान्सबर्ग में रहता था, उसे वहां एक वकील की ज़रूरत थी। अब्दुल्लाह ने उन्हें इस काम के लिये £105 और आने- जाने का खर्च अलग से देने का प्रस्ताव दिया, जिसे मोहनदास ने हर्ष के साथ स्वीकार कर लिया। 

जून 1893 को साउथ अफ्रीका के पेटरमैरीट्ज़बर्ग स्टेशन पर मोहनदास के पास फर्स्ट- क्लास का टिकट होने के बावजूद उन्हें वैन कंपार्टमेंट से यात्रा करने के लिए मजबूर किया गया। इसका विरोध करने पर उन्हें उनके सामान सहित ट्रेन से नीचे धकेल दिया गया। वे सारी रात उन्होंने प्लेटफ़ॉर्म पर ठंड से कांपते हुए गुज़ारी। ये घटना महात्मा गांधी के जीवन का एक बड़ा मोड़ साबित हुई। 

22 अगस्त, 1894 को मोहनदास गांधी ने साउथ अफ्रीका में भारतीयों के साथ होने वाले भेदभाव के विरोध में नेटल इंडियन कांग्रेस (Natal Indian Congress) की स्थापना की। 

वे सत्य के प्रति समर्पण होने के विचार से काफी ज्यादा प्रेरित हुए और 1906 से उन्होंने विरोध करने के अहिंसात्मक साधनों पर ज़ोर दिया। 9 जनवरी, 1915 को 21 वर्ष साउथ अफ्रीका में रहने के बाद महात्मा गांधी वापस भारत लौट आए। उनके अपने देश वापस आने के उपलक्ष्य में वर्ष 2003 से ही यह दिन पूरे भारत मे “प्रवासी भारतीय दिवस” (Pravasi Bhartiya Divas) के रूप में मनाया जाता है। 

भारत वापस आकर मोहनदास भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress) से जुड़ गए और उनकी मुलाकात उनके राजनीतिक गुरू गोपालकृष्ण गोखले (Gopalkrishna Gokhle) से हुई। 

राजनीति में शामिल होने के बाद Mahatma Gandhi Ji की पहली उपलब्धि बिहार के चम्पारण और गुजरात के खेड़ा आंदोलन का सफल संचालन करना था। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक असहयोग आंदोलन, खिलाफत आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन, स्वराज और भारत छोड़ो आंदोलन चलाया। 

15 जनवरी, 1942 को गांधी ने घोषणा की कि ” जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) मेरे राजनीतिक उत्तराधिकारी बनेंगे।” 

8 मार्च, 1942 को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को संबोधित किया और प्रसिद्ध “अंग्रेजों! भारत छोड़ो” (Britishers! Quit India) का नारा दिया और साथ ही भारतीयों को आज़ादी हासिल करने के लिए “करो या मरो” (Do or Die) पर अमल करने को कहा। जिसके बाद अंत मे अंग्रेजों को भारत को स्वतंत्रता प्रदान करनी ही पड़ी। 

22 फरवरी, 1944 को उनकी पत्नी कस्तूरबा गांधी (Kasturba Gandhi) की मृत्यु हो गई। गांधी जी द्वारा बुनी गई खादी की एक साड़ी उनके मृत शरीर को पहनाई गई थी। 

1948 में, Mahatma Gandhi Ji ने धर्म के आधार पर भारत के बंटवारे का विरोध किया। 

Mahatma Gandhi: Death : गांधी जी की मृत्यु

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30 जनवरी, 1948 को प्रार्थना करने बिड़ला मंदिर को जाते वक्त एक दक्षिण-पंथी नाथूराम विनायक गोडसे द्वारा गांधीजी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोडसे एक हिन्दू राष्ट्रवादी और हिन्दू महासभा का सदस्य था। उसने गांधी पर पाकिस्तान का साथ देने का आरोप लगाया और वह उनकी अहिंसावादी नीति का विरोधी था। 

भारतीय इतिहास में, महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi Ji) सबसे प्रमुख और साधारण व्यक्तित्व वाले नेता माना जाता है। उन्होंने भारतीयों को स्वराज का वास्तविक अर्थ समझाया और बिना किसी तरह की हिंसा के क्रांति कैसे की जाती है, यह सिखाया। उनके सिद्धांतों ने सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को सत्य, अहिंसा और सरलता की शक्ति का आभास कराया। उन्हें हमेशा उनकी ईश्वर में आस्था, सत्यवादिता और दृढ़ संकल्प के लिए याद किया जाएगा।

Gandhi Ji: Writings : लेख एवं पुस्तकें

Mahatma Gandhi Ji सफल राजनेता होने के साथ ही एक लेखक भी थे, जिन्होंने कई पुस्तकें लिखी हैं और पत्रिकाओं का संपादन किया है:

1909: हिन्द स्वराज (Hind Swaraj): गुजराती 

आत्मकथा: सत्य के साथ मेरे प्रयोग (My Experiments with Truth)

दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह (Satyagraha in South Africa)

इंडियन होम रूल (Indian Home Rule)

पत्रिकाएँ (News papers): हरिजन (Harijan), इंडियन ओपिनियन (Indian Opinion), यंग इंडिया (Young India), नवजीवन (Navjivan)

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