Stanislav Petrov – वो इंसान जिसने दुनिया को तहस नहस होने से बचा लिया|INKLAB

Stanislav Petrov saved the world
Stanislav Petrov saved the World.

Stanislav Petrov- Story of Man who saved the World

Stanislav Petrov को पूरी दुनिया मे एक hero माना जाता है।ऐसा इसलिए, क्योंकि उनके एक सही फैसले ने, इस दुनिया को एक बड़े विनाश या यूं कहें कि Third World War से बचा लिया। कैसे? आइये जानते हैं..

साल 1983. दुनिया में सब कुछ लगभग अशांत था. दूसरे कोल्ड वॉर की शुरुआत हो चुकी थी. सितंबर की शुरुआत में ही रूस द्वारा एक कोरियन एयर लाइन के विमान को मार गिराया गया था जिसमे लगभग 269 लोग सवार थे. सोवियत संघ को राक्षसी साम्राज्य घोषित किया जा चुका था और तत्कालीन रूसी राष्ट्रपति यूरी वी एंड्रॉपव को डर था कि कभी भी अमेरिका की तरफ से हमला किया जा सकता है. और सितंबर में वही हुआ, अमेरिका की तरफ से हमला……… 

World War Second खत्म होने के बाद से ही पूरी दुनिया न्यूक्लियर के प्रयोग के बारे में समझ चुकी थी. यह शक्तिशाली हथियार, पूरे शहर का नक्शा बदलने के लिए काफी थे. इसलिए हर देश खुद पर कभी भी न्यूक्लियर हथियार प्रयोग किए जाने के पक्ष में नहीं था, हाँ ये अलग बात है कि वो इस बात को सुनिश्चित भी नहीं करना चाहते थे वो कभी न्यूक्लियर का प्रयोग नहीं करेंगे. रूस ने न्यूक्लियर की समस्या से बचने के लिए अपनी वायु सेना को एक ऐसी रडार दी थी जो कि न्यूक्लियर मिसाइल के हमले की सूचना दे ताकि उससे निबटने के लिए सही कदम उठाया जा सके. लेकिन रूस को भी कहाँ खबर थी कि यही रडार उसे विश्व युद्ध तीन की दहलीज पर लगभग लाकर खड़ा ही कर देगी. 

Stanislav Petrov
Stanislav Petrov refused to retaliate. ©Wikipedia

26, सितंबर, साल 1983. मॉस्को शहर. मौसम सर्दी का था और इसके अलावा बाकी सब कुछ सामान्य था. मॉस्को में ही सोवियत एयर डिफेंस फोर्स का कमांड सेंटर भी है. वहां भी सब कुछ सामान्य ही था, लेकिन तभी एक अलार्म बजा. ये अलार्म उसी रडार का था जो कि न्यूक्लियर की सूचना देने के लिए लगाया था. अलार्म बहुत तेजी से बज रहा था. वह यह बता रहा था कि खतरा बहुत ज्यादा नजदीक है. केवल 5 मिनट की दूरी पर ही ऐसी न्यूक्लियर मिसाइल है जो पूरे मॉस्को को खत्म कर देगी. मॉस्को को हिरोशिमा और नागासाकी जैसा ही बना देगी. अपंग और लाचार. उस वक्त वहां के इंचार्ज थे 44 वर्षीय लेफ्टिनेंट कर्नल Stanislav Petrov. कमांड सेंटर का हर व्यक्ति उनकी तरफ ही देख रहा था. वे इस बात का इंतजार कर रहे थे कि कब लेफ्टिनेंट कर्नल आदेश देंगे और कब मिसाइल का जवाब दिया जाएगा. लेफ्टिनेंट कर्नल Stanislav Petrov 15 सेकंड के लिए तो बिल्कुल हैरान हो गए. उनकी आंखों के सामने बर्बादी के मंजर तैर रहे थे. बर्बाद होता मॉस्को उन्हे बहुत चुभ रहा था. वो दिमाग पर जोर डालकर सोच रहे थे कि अब क्या? 

क्या न्यूक्लियर मिसाइल का जवाब न्यूक्लियर मिसाइल से दिया जाए. उनके सीनियर जिन्हे अलार्म की खबर के बारे मे पता लगा था वो उन्हे फोर्स कर रहे थे कि retaliate करें और मिसाइल दाग दें. राष्ट्रपति उनसे बात करना चाहते थे. कर्नल को आदेश देना चाहते थे लेकिन कर्नल ने राष्ट्रपति का फोन नहीं उठाया. उन्होने टेलीफोन को रिसीवर से हटाकर रख दिया ताकि उन्हे किसी तरह का फोन ना आ सके. और उन्होने फैसला किया कि वो….. जवाब में कोई मिसाइल नहीं चलाएंगे. 

You may also like: 10 ऐसे देश जो युद्ध मे भारत की मदद करेंगे।

लेकिन ऐसा क्यों? क्या वो अमेरिका से मिले हुए थे? क्या वो मॉस्को को तबाह होते हुए देख सकते थे? नहीं. क्योंकि वो ये समझ रहे थे कि अलार्म से गलती हुई है. ये एक टेक्निकल गलती है. हालांकि वो ये बात अपने जूनियर और सीनियर को समझा नहीं सके, लेकिन उन्होने मिसाइल दागने का आदेश नहीं दिया.

अंत में यह पता चला कि उनका यह फैसला सही था. ये एक टेक्निकल गलती थी. उस रडार की, जिसे उन्हे बचाने का जिम्मा सौंपा गया था. 

क्या होता अगर Stanislav Petrov Retaliate करते? 

अगर ऐसा होता तो यकीनन इतिहास कुछ और होता. अमेरिका और रूस के कई शहर नष्ट हो चुके होते और इस बार गलती अमेरिका की नहीं होती. हाँ अगर दूसरे केस में देखें और यह मान लें कि अमेरिका ने सच में न्यूक्लियर मिसाइल दागी थी तो फिर हम Stanislav Petrov का नाम किताबों में सबसे मुर्ख सेनापति के रूप मे देखते. हालांकि विश्व का सौभाग्य है कि वे ऐसे नहीं थे. 

Stanislav Petrov Death and Birth Date:

1998 में, 77 साल की उम्र में Stanislav Petrov का निधन हो गया था. आज 19 अगस्त को उनका जन्मदिन है. जन्मदिन मुबारक हो कर्नल लेफ्टिनेंट. 

जाने से पहले मॉस्को के बारे में महत्वपूर्ण Fact जरूर जान लें. 

Important fact About Moscow:

अगर मॉस्को पर कभी परमाणु हमला हुआ तो मॉस्को मेट्रो को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि पूरा शहर 7 मिनट के अंदर अंडर ग्राउंड हो जाएगा. 

फैक्ट पसंद आया हो तो INK LAB का न्यूज लेटर सब्सक्राइब करना ना भूलें. नीचे फुटर मे मिल जाएगा. नोटिफिकेशन जरूर अलाऊ कर दें ताकि ऐसी पोस्ट आप तक पहुंचती रहे. 

पढ़ने के लिए धन्यवाद. 

kavi Agyat

Anant kumar vishwakarma, as known as Kavi Agyat, is a delhi based poet, who loves to write movie scripts and poems. He is author of book "Guitar Wala Ladka" , a mysterious thriller. you can contact agyat on imkaviagyat(@)gmail.com .

Leave a Reply