Valentine’s Day – History, Story in Hindi -वैलेंटाइन डे की कहानी

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History Of  Valentine’s Day- प्रेम दिवस का इतिहास

प्यार का पर्व यानी वैलेंटाइन्स डे (Valentine’s Day) आ चुका है। वैसे तो प्यार को सेलिब्रेट (celebrate) करने के लिए किसी खास दिन की जरूरत नहीं होती आप किसी भी दिन अपने प्यार का इजहार अपने loved ones से कर सकते हैं. लेकिन फिर भी ये दिन आजकल की व्यस्त जीवन शैली में अपनों के साथ वक़्त बिताने का एक मौका हमें जरूर दे देता है. वैलेंटाइन डे सेलिब्रेट तो हर कोई करता है लेकिन बहुत कम लोग ही ऐसे होते हैं जिन्हें इस दिन के इतिहास के बारे में पता होता है. तो अगर आप भी नहीं जानते कि वैलेंटाइन्स डे (Valentine’s Day) 14 फरवरी को ही क्यों मनाया जाता है तो हमारा ये Article आपके लिए ही है. 

The Legend of St. Valentine – संत वैलेंटाइन से जुड़ी कहानी

दोस्तों आज हम भले ही इस दिन को प्यार के लिए celebrate करते हैं लेकिन इस दिन की शुरुआत प्रेमपूर्ण बिल्कुल नहीं थी बल्कि इसके ठीक उलट काफी बर्बर थी. वैलेंटाइन्स डे को शहीद संत Valentine के सम्मान में मनाना शुरू किया गया था. और उन्हीं के नाम पर इस दिन का नाम Valentine’s Day पड़ा. और बाद में ये एक ritual की तरह follow होने लगा. और दुनिया भर में celebrate किया जाने लगा. हालांकि Saint valentine कौन थे इसके बारे में स्पष्ट जानकारी तो कहीं नहीं मिलती है. क्योंकि Catholic Church के हिसाब से इतिहास में लगभग तीन संत ऐसे थे जिनका नाम वैलेंटाइन (valentine) या वैलेंटिनस (Valentinus) रहा होगा. और इन सभी को मौत की सजा दी गयी थी. ऐसे में किस संत के सम्मान में इस दिन को मनाया जाता है ये कह पाना मुश्किल है.

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पहली लोककथा ( First Legend ) 

एक legend के अनुसार रोम में थर्ड सेंचुरि ( Third Century) में वैलेंटाइन नाम के एक पादरी हुआ करते थे. उस समय रोम के  Emperor Claudius II का मानना था कि एक अविवाहित आदमी शादीशुदा व्यक्ति की तुलना में एक बेहतर योद्धा हो सकता है इसलिए उसने सभी युवा पुरुषों की शादी को गैरकानूनी घोषित कर दिया. संत वैलेंटाइन Emperor के इस फैसले से सहमत नहीं थे  इसलिए उन्होंने चुपके से युवा पुरुषों की शादियाँ करवाना शुरू कर दिया था. जब क्लॉडियस (Claudius) को इस बात का पता चला तो उन्होंने वैलेंटाइन की मौत का आदेश दे दिया. 

दूसरी लोककथा ( Second Legend ) 

जबकि कुछ अन्य लोककथाओं के अनुसार संत वैलेंटाइन जेल में बंद किए गए मासूम लोगों की भागने में मदद करते थे. इसलिए उन्हें फाँसी की सजा दे दी गयी. एक अन्य लोककथा तो ये भी कहती है कि वैलेंटाइन नाम का एक आदमी जो कि जेल में बंद था उसे Jailer की बेटी से प्यार हो जाता है. वैलेंटाइन ने ही पहली बार इसी दिन उस लड़की को greeting card दिया था. उसने ये greeting अपनी मृत्यु के ठीक पहले लिखा था. उसने उस card के अंत में “फ्रॉम योर वैलेंटाइन” (From Your valentine) लिखा था. और इसी लिए उसके प्यार के सम्मान में इस दिन को मनाया जाता है. और इसी लिए Valentine’s card में From your valentine आज भी लिखा जाता है.

हालांकि इनमें से कौन सी story कितनी सच है ये कह पाना थोड़ा मुश्किल है. पर ये सभी कहानियाँ प्यार की जीत और उसके सम्मान में ही Valentine’s डे मनाए जाने को दर्शाती हैं. 

Origins of Valentine’s Day:  

Valentine’s Day की लोकथाओं को जानने के बाद आपके मन में ये सवाल भी जरूर आया होगा कि आखिर इस दिन को पहली बार celebrate करना कब शुरू किया गया. और इसे 14 फरवरी को ही क्यों मनाया गया. असल में इस तारीख को ही Valentine’s Day मनाने के पीछे भी कई कारण दिखाई देते हैं. कुछ लोग कहते हैं कि 270 ईसवी में फरवरी के मध्य में ही संत वैलेंटाइन को मृत्युदंड दिया गया था और और इसी लिए उनके सम्मान और त्याग के लिए Valentine’s Day के लिए फरवरी के मध्य का दिन यानी 14 फरवरी चुना गया. 

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जबकि एक अन्य दावे के अनुसार Valentine’s Day को फरवरी के मध्य में लुपरकेलिया (Lupercalia) के उपलक्ष्य में मनाने का निर्णय इसलिए लिया गया Lupercalia रोम के कृषि के देवता ‘Faunus’ को डेडिकेट (dedicate) किया जाने वाला त्योहार है. इसे fertility का festival माना जाता है.

लुपेरसी ( Luperci ) :

शुरू में लुपेरसी के सदस्य एक गुफा में इकट्ठे होते थे. यहाँ पर पादरी एक बकरी और एक कुत्ते की बलि देते थे. इसके बाद इस बकरी की खाल को निकालकर उसे रक्त में डूबोकर महिलाओं और खेतों दोनों को स्पर्श कराया जाता था. हालांकि सुनने में ये ritual काफी डरावना और disturbing हैं लेकिन रोम की महिलाओं ने इसे खुशी खुशी स्वीकार क्योंकि ऐसी मान्यता थी कि इससे आने वाले एक साल में उनकी fertility बढ़ जायेगी. इसके बाद शहर की सभी महिलाएँ अपना नाम एक pot में रखती रही जिसके बाद शहर के सभी कुंवारें युवक उनमें से एक नाम का चयन करते थे और जिसका भी नाम आता था उन दोनों couples की शादी करवा दी जाती थी. काफी समय तक लुपेरसी को इसी तरह मनाया जाता रहा लेकिन  जब Christianity का उदय हुआ तो इसे गैरकानूनी कहा गया. और इसके बाद कुछ समय बाद 5वीं सदी में Pope Gelasius ने 14 फरवरी को Valentine’s Day के उपलक्ष्य में मानने की घोषणा की. और middle age तक ये दिन प्यार के त्योहार के रूप में celebrate किया जाने लगा. वहीं france में भी ऐसा माना जाता है कि फरवरी birds का mating season भी होता है इसलिए वहाँ भी इस दिन को फरवरी में ही मनाने की प्राथमिकता दी गयी. और माना गया कि रोमांस का दिन फरवरी के मध्य का दिन ही होना चाहिए. English poet ‘Geoffrey Chaucer’ की कविता “Parliament of Foules” में इस दिन को पहली बार 1375 में मनाने का रिकॉर्ड मिलता है. हालांकि वैलेंटाइन ग्रीटिंग्स तो middle age से ही काफी ज्यादा चर्चा में थी लेकिन 1400 से पहले इनका लिखित इतिहास नहीं मिलता है. 

Who Is Valentine’s Day Cupid? 

वैलेंटाइन डे के card में एक naked चेरब (Cherub) की तस्वीर लिए रहता है. उसे ही cupid कहा जाता है. लेकिन आखिर ये cupid है कौन? ग्रीक मैथोलॉजी के हिसाब से cupid को प्रेम का देवता माना जाता है और क्योंकि वैलेंटाइन डे प्यार का त्योहार है इसलिए प्यार के देवता की तस्वीर वैलेंटाइन कार्ड के ऊपर बनाई जाती है. 

तो ये था Valentine’s Day का पूरा इतिहास. हालांकि इस दिन के बारे में कई कहानियाँ है. पर हर कहानी का moral एक ही है कि ये दिन प्यार का है और इस प्यार के साथ celebrate करना चाहिए. Happy Valentine’s Day to you All!